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आफत और जुर्माना

जनता से विश्वास के रिश्ते भी हों कायम बृहस्पतिवार को पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 45 हजार से अधिक मामले और ग्यारह सौ से अधिक लोगों की मौत का आंकड़ा सामने आना हर भारतीय की चिंता बढ़ाने वाला है। हर व्यक्ति के दिमाग में तमाम सवालों के बीच बड़ा सवाल यह भी है कि सख्त लॉकडा…

खोये रोजगार के मौके बहाल करना हो लक्ष्य

हाल ही में प्रकाशित विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्टों में यह बात उभरकर सामने आ रही है कि कोविड-19 की चुनौतियों के बीच भी दुनिया के दूसरे देशों की तुलना में भारत की अर्थव्यवस्था पटरी पर जल्द आएगी और कोविड-19 के बीच खोए हुए रोजगार अवसर वापस लौटने की संभावनाएं…

बदलाव जरूरी दैनिक ट्रिब्यून का 24 जुलाई का सम्पादकीय ‘देरी का न्याय’ पढ़ने का अवसर मिला, जिसका एक-एक शब्द बिल्कुल सत्य तथा हमारे देश की लचर न्याय व्यवस्था चित्रित करने वाला था। इसमें जरा भी सन्देह नहीं कि देर से मिला न्याय भी अन्याय जैसा ही होता है। लेखक ने मौजूदा न्य…

आर्थिक-सामरिक मोर्चे पर तैयारी जरूरी

रमेश नैयर भारत की चौतरफा घेराबंदी के लिए चल रही रणनीति को भेदने के लिए भारत सही समय पर सक्रिय हो गया है। हमारे बाजार में चीनी उत्पादों के आयात पर बड़ा अंकुश लगाया गया है। इस पर अमल शुरू हो गया है। सोशल मीडिया के अघोषित सम्राट ‘टिकटाक’ पर भारत ने प्रतिबंध लगा दिया है। स…

सहीराम वास्तव में ये दिन खून सफेद होने के दिन हैं। जी नहीं, महामारी के डर से यह खून सफेद नहीं हो रहा है। यह खून तो इसलिए सफेद हो रहा है क्योंकि महामारी में इनसान की मदद करने की बजाय उसे मुनाफाखोरी का साधन बना लिया गया है। अगर नकली वेंटिलेटर बेचे जाएंगे, नकली सेनेटाइजर…

आम का कलाम बात उस वक्त की है जब शायरी के पुरोधा गालिब ने शायरी की दुनिया में धमाल मचा दिया था। वे कुछ ऐसे अंदाज में कहते कि शे’र आम लोगों के दिल में उतर जाते थे। लेकिन एक दौर ऐसा आया कि उनकी विद्वता का स्तर बढ़ता चला गया और वो बहुत गूढ़ भाषा में शे’र कहने लगे। ऐसे में …

नशे के जरिये आतंक

जवाबदेही के लिए पाक पर बनायें दबाव अस्तित्व में आने के बाद से ही पाकिस्तान भारत विरोधी कृत्यों में लिप्त रहा है। गाहे-बगाहे उसकी करतूतें सामने आती रहती हैं। आज जब अंतर्राष्ट्रीय जगत में भारत कूटनीतिक व सैन्य ताकत के रूप में और मजबूत हुआ है तो पाक ने भारत में आतंकवाद फ…

मिशन 6जी – समय है अगुवाई का

प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत का आह्वान कर रहे हैं, जिसकी कई तरह से व्याख्या हो सकती है। इसकी एक दिशा 6जी भी है। इस दिशा में बढ़ने के लिए मानसिक रूप से तैयार होना चाहिए। अगुवाई का समय : जैसा कि किसी भी राष्ट्रीय स्तर के सामरिक महत्व वाले उद्यम के साथ होता है, भारत में …

रिश्तों में दरार भारत-नेपाल सीमा पर दोनों देशों के जवानों ने अस्थाई कैंप लगाकर गश्त बढ़ा दी है। नेपाल के प्रधानमंत्री की ओर से भारतीय क्षेत्र को नेपाल के हिस्सा बताने पर दोनों देशों में कूटनीति तौर पर बयानबाजी के बाद तनाव बढ़ने लगा है। अभी पिछले महीने नेपाल आर्म्स पुल…

बाढ़ के पानी में बनते-बहते पुल

आलोक यात्री बारिश ने पूरे देश में तबाही मचा रखी है। मुझे ख्यातिलब्ध गीतकार नीरज जी की ‘अबके सावन में ये शरारत मेरे साथ हुई…’ शे’र याद आ रहा है। टीवी पर मिनट-मिनट की खबरें ब्रेक हो रही हैं। दिल्ली के अन्ना नगर में नाले में बरसाती पानी के सैलाब से किनारे बसे कई मकान बह …

कुमार विनोद उम्र का मामला बड़ा ही पेचीदा है जनाब! कई बार तो उम्र तमाम हो जाती है, मगर यह कमबख्त फिर भी समझ में नहीं आता। उम्र के बारे में जितने मुंह उतनी ही बातें अक्सर ही सुनने को मिल जाती हैं। उन्हीं सुनी-सुनाई बातों में एक बात यह भी है कि ‘उम्र महज एक आंकड़ा होती है।…

दान का श्रेय नगर सेठ सुखराम के पास जितनी अधिक धन-दौलत थी उससे कहीं अधिक विनम्रता थी। नगर में न जाने कितने विद्यालय, प्याऊ और धर्मशालाएं आदि उनके नाम से बने हुए थे। मगर, उन्हें इनका गर्व छू तक नहीं गया था। उनके यहां सदा भंडारा चलता रहता था। वह दृष्टि नीची किए प्रतिदिन …

डब्ल्यूटीओ को अलविदा कहने का वक्त

वर्ष 1995 में जब हमने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की संधि पर हस्ताक्षर किये थे तब हमें बताया गया था कि हमारे देश के उत्पादों के लिए, विशेषकर कृषि उत्पादों के लिए, विकसित देशों के बाजार खुल जायेंगे। हमारे किसान अपने माल को ऊंचे दाम में बेच सकेंगे; हमें भारी मात्रा…

युवाओं को आने दो 18 जुलाई के दैनिक ट्रिब्यून में राजकुमार सिंह के लेख ‘सोनिया कांग्रेस में हाशिये पर टीम-राहुल’ में कांग्रेस के भीतर हो रही उथल-पुथल खुलकर सामने आ गयी है। दरअसल, जब पायलट और उसकी युवा ब्रिगेड ने चुनाव में ज़मीनी लड़ाई लड़कर पार्टी को जिताया था तभी पायलट क…

कैदियों की रिहाई के लिए नयी लक्ष्मण रेखा

अनूप भटनागर स्वतंत्रता दिवस पर कैदियों की सज़ा में छूट देकर उन्हें रिहा करने के लिये राज्य सरकार और राज्यपाल को संविधान के अनुच्छेद 161 में प्रदत्त अधिकार के इस्तेमाल पर शीघ्र ही एक लक्ष्मण रेखा खिंच सकती है। इसकी वजह दंड प्रक्रिया संहिता में स्पष्ट प्रावधान के बावजूद…

आलोक पुराणिक कोरोना ने सारे धंधे हिला दिए हैं। बस बाबागिरी का धंधा तेजी पर है। बाबाओं के प्रताप से भारतवर्ष हिल गया है। बाबाओं पर कई सवाल-बवाल उठ रहे हैं। बाबाओं से जुड़ी जानकारियों पर एक वृहद प्रश्नोत्तरी बनायी गयी है, ताकि आम जनमानस का ज्ञानवर्धन हो सके। सवाल : सब …

हृदय परिवर्तन श्रावस्ती के सेठ अनाथपिंडिक के पुत्र का विवाह साकेत के सेठ धनंजय की पुत्री सुजाता के साथ हुआ था। उसे बड़े कुल की बेटी होने का अभिमान था। वह परिवार के सभी सदस्यों का अनादर करती थी। सेठ अनाथपिंडिक की गौतम बुद्ध के प्रति गहरी आस्था थी। एक बार बुद्ध अनाथपिंड…

किफायती इलाज

पूरे देश में हो उपचार दरों का निर्धारण निस्संदेह कोरोना वायरस की महामारी ने चिकित्सा व्यवस्था की प्राथमिकताओं को नये सिरे से निर्धारित करने की जरूरत बतायी है। अपर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं के चलते कोरोना से हमारी लड़ाई कमजोर हुई है। ऐसे में जब देश में कोरोना संक्रमितों …

नये जीवन मूल्य तलाशने का वक्त

चार महीने से अधिक हो गये, पूरे देश में भयबोध एक नया युग सत्य बनकर झंझावात की तरह बह रहा है। मार्च के दिन वे पहले दिन थे जब इस देश की एक सौ तीस करोड़ से अधिक आबादी के लिए जीवन का अर्थ बदल गया। मार्च के अन्तिम दिनों में  एक अदृश्य अपरिचित वायरस, जिसे कोरोना का नाम दिया ग…

ज्ञानदत्त पाण्डेय गांव, गांव ही रहेगा। मैं सोचता था कि गांव हाईवे के किनारे है, गांव के बीच में एक रेलवे स्टेशन है। रेल का दोहरीकरण हो रहा है। बहुत बदलाव हो रहे हैं। लेकिन गांव तो गांव ही है। कभी बिना मांगे सलाह मिलती है तो कभी अपनापन। ऐसा ही हुआ पिछले दिनों। यूं ही प…