Showing posts with the label Literature nsShow all
“स्टूल पिजन” ने दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड में जीता बुक ऑफ द ईयर अवार्ड

फिल्म निर्माता अभिक भानु की किताब ‘स्टूल पिजन’ हाल ही में ‘दादा साहेब फाल्के अवार्ड’ में ‘बुक ऑफ द ईयर अवार्ड ’जीत चुकी है। निर्माता अभिक भानु ने मंगलवार को मुंबई में मीडिया से हुई  बातचीत के दौरान बताया की दादा साहेब फाल्के अवार्ड जीतना उनके लिए सबसे बड़े गर्व की ब…

नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने कहा – अगर आप प्रतिभाशाली हैं तो देर-सवेर लोग पहचान लेंगे

बॉलीवुड की क्वीन कंगना रनौत ने करण जौहर और अन्य लोगों पर केवल स्टार किड्स को लॉन्च करने का आरोप लगाकर नेपोटिज्म पर एक विवाद शुरू कर दिया, लेकिन कलाकार नवाजुद्दीन सिद्दीकी इस बात से  सहमत नहीं है। नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने लेखक नीता शाह और अदिति मेदिरत्ता की किताब “द …

सेठ अमीरचंद के पास अपार धन दौलत थी – उसे हर तरह का आराम था, लेकिन…

सेठ अमीरचंद के पास अपार धन दौलत थी। उसे हर तरह का आराम था, लेकिन उसके मन को शांति नहीं मिल पाती थी। हर पल उसे कोई न कोई चिंता परेशान किये रहती थी। एक दिन वह कहीं जा रहा था तो रास्ते में उसकी नजर एक आश्रम पर पड़ी। वहाँ उसे किसी साधु के प्रवचनों की आवाज सुनाई दी। उस आ…

प्रेरक प्रसंग: महात्मा जी भिक्षा मांगने जा रहे थे, सड़क पर एक सिक्का दिखा…

एक दिन महात्मा जी भिक्षा मांगने जा रहे थे, सड़क पर एक सिक्का दिखा, जिसे उठाकर उन्होंने झोली में रख लिया। उमके साथ जा रहे दोनों शिष्य इससे हैरान हो गए। वे मन में सोच रहे थे कि काश सिक्का उन्हें मिलता, तो वे बाजार से मिठाई ले आते। महात्मा जी जान गए। वह बोले यह साधारण …

फिल्मों के माध्यम से मातृभाषा, संस्कृति और साहित्य को बढ़ावा देना चाहते हैं नितिन चंद्रा

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता, फिल्म निर्माता और निर्देशक नितिन चंद्रा ने कहा है कि वह हमेशा अपनी फिल्मों के माध्यम से मातृभाषा संस्कृति और साहित्य को बढ़ावा देना चाहते हैं । नितिन चंद्रा सोमवार को मुंबई में मीडिया से बातचीत की ।  advertisement: बिहार के रहने वाले न…

राजस्थान स्थापना दिवस: कलाकारों ने मोह लिया दर्शकों का मन

राजस्थान के 70 वें स्थापना दिवस पर शनिवार को शाम नई दिल्ली में  राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित राजस्थान दिवस समारोह में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आये लोक कलाकारों ने राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध लोक नृत्य कालबेलिया, चरी, चकरी, घूमर, कच्ची घोड़ी, बृज की होली आदि …