तुम्हें न सहा जाये, न तुम बिन रहा जाये
आलोक पुराणिक
इस आशय की घोषणाएं देखने में आती हैं—चीनी उत्पादों का बहिष्कार कर दो। चीनी उत्पादों को फेंक दो। घोषणाएं बहुत जोरदार हैं, पर क्या चाइनीज उत्पादों के बगैर भारतीय जीवन संभव है। फेक्ट चैक करें, तो पता लगता है कि ओप्पो से लेकर एमआई तक मोबाइल फोन चाइनीज हैं। चाइनीज फोन से बातचीत हो रही है, चाइनीज फोन से ही लव मैसेज रिसीव हो रहे हैं। चाइनीज फोन से ही ब्रेकअप हो रहे हैं। दरअसल, चाइनीज फोन के जरिये जो कुछ हो रहा है, वह सब कुछ पब्लिक हो जाये तो बहुत ही आफत हो जाये।
चाइनीज फोन बहुत सीक्रेट जानता है, सबके।
चाइनीज फोन से सेलरी क्रेडिट होने के संदेश आ रहे हैं। चाइनीज फोन से रकम मिलने के संदेश आ रहे हैं। चाइनीज टिक-टॉक पर ही लोग स्टार बन रहे हैं। इतने बड़े स्टार हो रहे हैं कि तमाम राजनीतिक पार्टियां उन्हें चुनावी टिकट दे रही हैं। टिक-टॉक चाइनीज है। इसके भारत में 12 करोड़ से ज्यादा सक्रिय यूज़र हैं। यानी करीब 24 न्यूज़ीलैंड जितनी आबादी तो भारत में टिक-टॉक यूज़ कर रही है।
चीनी सीमा लद्दाख में दो किलोमीटर पीछे चली गयी हो, तो क्या है। 12 करोड़ से ज्यादा भारतीयों के दिल-दिमाग में टिक-टॉक है।
चीन बहुत अंदर तक घुसा हुआ है। लद्दाख से कई किलोमीटर अंदर। वह आपकी जेब में है, मोबाइल और टिक-टॉक की शक्ल में। चीन खुद जानता है कि भारत से निकलना बहुत मुश्किल काम है। सो फूं फां लाख कर ले चीन, पर एक हद तक उछल-कूद करके वापस लौट जाता है। चीन की आफतें दोहरी हैं, एक तरफ तो दादागीरी फुल करनी है और दूसरी तरफ उसे दुकानदारी भी फुल करनी है। यह बात पेचीदा है। दादागीरी करने वाले खुद सीधे दुकानदारी नहीं करते और दुकानदारी करने वाले दादागीरी के पचड़े में नहीं पड़ते। दुकानदारी में हरेक को जी बाबूजी कहना पड़ता है, माल बेचना है। दादागीरी में धमकी देनी होती है—घर में घुसकर मार मारूंगा। कनफ्यूजन यह है कि घर में घुसकर मार ले या माल बेच ले, पहले डिसाइड कर ले। चीन के सारे अखबार लगभग सरकारी अखबार हैं। ये अखबार मार मचाये रहते हैं—मार देंगे, काट देंगे, चीर देंगे टाइप। और चीनी कंपनियों के अफसर भारत में मिमियाऊ मुद्रा में सिर झुकाये माल बेचते हैं। एक बार डिसाइड कर लेना चाहिए कि करना क्या है।
फजीहत ही फजीहत है, सब तरफ। कुल मिलाकर चाइनीज का काम इंडिया के बगैर न चल रहा है और इंडिया का काम चाइनीज के बगैर चल जायेगा क्या, यह टिक-टाॅक यूज़र से पूछ कर देखिये।
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