चेन्नई में शनिवार को अस्पताल में रैपिड टेस्ट किट दिखाते स्वास्थ्यकर्मी।
– प्रेट्र

नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (एजेंसी)
देश के 23 राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों में अब तक कोरोना वायरस के कुल संक्रमित मामलों में से 4291 दिल्ली के निजामुद्दीन क्षेत्र में मार्च में आयोजित तबलीगी जमात के कार्यक्रम से जुड़े हुए हैं। यह जानकारी शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि तमिलनाडु में 84 फीसदी, तेलंगाना में 79, दिल्ली में 63, उत्तरप्रदेश में 59 और आंध्रप्रदेश में 61 फीसदी मामले मरकज में हुए कार्यक्रम से जुड़े हैं। उन्होंने कहा, ‘कोरोना के कुल 14,378 (शनिवार सुबह तक का आंकड़ा) मामलों में से 4291 मामले या 29.8 फीसदी तबलीगी जमात के कार्यक्रम से जुड़े हुए हैं।’
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने यह भी कहा कि कुछ राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले कम हैं, लेकिन वहां भी मरकज के कार्यक्रम से जुड़े केस सामने आए हैं। उदाहरण के लिए अरुणाचल प्रदेश में कोरोना का एकमात्र मामला मरकज में हुए कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है। इसी तरह असम में 35 में से 32 मामले और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में 12 में से 10 मामले जमात के कार्यक्रम से जुड़े हुए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के पाेर्टल पर शनिवार शाम जारी आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना की चपेट में आये लोगों की संख्या 14792 तक पहुंच गयी है। इनमें से 2014 ठीक हो चुके हैं। मृतकों की संख्या 488 हो गयी है। अग्रवाल ने कहा कि देश में कोरोना से मरने की दर 3.3 फीसदी है। मरने वालों में 75.3 फीसदी 60 वर्ष या अधिक उम्र के हैं और 83 फीसदी मामलों में मरीज अन्य रोगों से भी ग्रस्त गये।
प्लाज्मा परीक्षण की इजाजत
केंद्रीय औषधि नियामक ने भारतीय आयुर्विज्ञान शोध परिषद (आईसीएमआर) के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमें उसने कोरोना के मरीजों को स्वास्थ्य के लिये लाभकारी प्लाज्मा के नैदानिक परीक्षण की इजाजत मांगी थी। असल में स्वास्थ्य लाभकारी प्लाज्मा थैरेपी में कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों के खून से एंटीबॉडीज लेकर उनका इस्तेमाल गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों के इलाज में किया जाएगा। इस अध्ययन का उद्देश्य मरीजों की परेशानियों को सीमित करने में प्लाज्मा के प्रभाव का आकलन करना और कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के इलाज में एंटी एसएआरएस-सीओवी-2 प्लाज्मा से इलाज के सुरक्षित होने का आकलन करना है। बता दें कि फिलहाल कोरोना के लिये कोई मान्य इलाज नहीं है। आईसीएमआर ने कहा कि दुनियाभर में इलाज की विभिन्न रणनीतियों के आकलन और प्रभाव की जांच के लिए कई परीक्षण हो रहे हैं।
चंडीगढ़ कंटेनमेंट जोन घोषित : केंद्र सरकार ने शनिवार देर शाम चंडीगढ़ को कंटेनमेंट ज़ोन घोषित कर दिया। प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी। इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश बाद में जारी किए जाएंगे।

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