लंदन, 3 फरवरी (एजेंसी)
ब्रिटिश फिल्मकार सैम मैंडेस की युद्ध आधारित ड्रामा फिल्म ‘1971’ बाफ्टा 2020 में भले ही 7 पुरस्कार अपने नाम करने में कामयाब रही लेकिन अभिनेता जे फीनिक्स निराश है। बाफ्टा में फिल्म ‘जोकर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जीतने वाले फीनिक्स ने फिल्म ‘1971’ के बोलबाले को ‘सुनियोजित नस्लवाद’ करार दिया और फिल्म जगत पर अश्वेत लोगों का स्वागत न करने का आरोप लगाया।
‘ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन’ (बाफ्टा) और ‘एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स आर्ट्स एंड साइंसेज’ के नामांकन की घोषणा के बाद से ही श्वेतों के बोलबाले और विविधता की कमी को लेकर भारी आलोचना की जा रही थी। अभिनय संबंधी श्रेणियों में अश्वेत लोगों के नामांकन की कमी और निर्देशन की श्रेणी में एक भी महिला के न होने की भी आलोचना हुई थी। फीनिक्स ने ‘रॉयल एल्बर्ट हॉल’ के मंच से कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि कोई भी खुद को हाथों हाथ लिए जाने या खास तरह के व्यवहार की अपेक्षा करता है, हालांकि हमारे साथ हर साल ऐसा ही व्यवहार होता है। मुझे लगता है कि लोग चाहते हैं कि उन्हें उनके काम के लिए पहचाना, सराहा और सम्मान दिया जाए।’ उन्होंने कहा, ‘यह खुद अपनी निंदा करने जैसा नहीं है क्योंकि मुझे यह कहते हुए शर्म आ रही है कि मैं भी इस समस्या का हिस्सा हूं।’
अभिनेता ने कहा, ‘सेट (शूटिंग स्थल) सभी संस्कृतियों का स्वागत करने वाला होना चाहिए । हमें सुनियोजित नस्लवाद समझने के लिए कड़ी मेहनत करने की जरूरत है।’

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