‘पैरीफैरल वेस्कूलर रोग हार्ट अटैक से अधिक जानलेवा’
पंचकूला/चंडीगढ़, 5 नवंबर (नस)
पचकूला में कार्डिक साइंस के चेयरमैन डॉ. एचके बाली ने कहा कि पैरीफैरल वेस्कूलर बीमारी रक्त की नाडि़यों से संबंधित है। यह दुनिया भर में 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत लोगों को है। डॉ. बाली वार्ता को संबोधित कर रहे थे। पैरीफैरल आर्टरी की बीमारी और शुगर के कारण पैर खराब होने की बीमारी के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए पारस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, पंचकूला के डॉक्टरों की टीम ने मीडिया के साथ बातचीत की। डॉ. बाली ने कहा कि यह पैरीफैरल आर्टरी की बीमारी आम तौर पर टांगों पर असर डालती है औप कई बार बाजुओं पर भी असर होता है। यह वेस्कूलर हार्ट अटैक से अधिक जानलेवा होती है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी में पैरों-हाथों को रक्त की सप्लाई करने वाली नाडि़यां सिकुड़ जाती हैं और रक्त की सप्लाई घट जाती है या बिल्कुल बंद हो जाती है। कई लोग प्राथमिक लक्षण के समय इस तरफ ज्यादा ध्यान नहीं देते। हाथ-पैर में दर्द या सुनेपन को वह नजरअंदाज कर देते हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने से गैंगरीन हो सकती है तथा जिस कारण शरीर का अंग कटवाना पड़ता है।
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