कुमार मुकेश/हप्र
हिसार, 2 फरवरी
करीब एक पखवाड़े पूर्व आदमपुर पुलिस द्वारा दर्ज किया गया दुष्कर्म का एक मामला आरोपी युवक के दस दिन जेल में रहने के बाद जांच में झूठा पाया गया है। अब पुलिस ने अदालत में क्लॉजर रिपोर्ट जमा कर दी है वहीं अदालत ने युवक को डिस्चार्ज करते हुए जमानत दे दी है। आरोप है कि हत्या के एक मामले में समझौता करने के लिए दुष्कर्म का यह झूठा केस दर्ज करवाया गया था।
सेंट्रल जेल से बाहर आए सुनीत कुमार ने बताया कि वर्ष 2014 में उसके भाई विजय कुमार की गांव के ही कुछ लोगों ने हत्या कर दी थी। इस दौरान पिता हरिसिंह को भी चोटें आई थी। इस बारे में सदर थाना में आरोपियों के खिलाफ धारा 302 का केस दर्ज हुआ था। उसके पिता को घायल करने के मामले में 6 आरोपियों को 5-5 साल की सजा हो चुकी है, जबकि हत्या का मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
सुनीत ने बताया कि आरोपियों ने मिलकर उसे फंसाया और चंडीगढ़ में ब्यूटीपार्लर का काम करने वाली एक युवती से झूठी शिकायत पर उसके खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसकी परिजनों की शिकायत पर जांच डीएसपी को दी गई। डीएसपी जोगेंद्र ने इस जांच में निर्दोष पाया और अदालत में डिस्चार्ज की रिपोर्ट दाखिल की। जिसके पर सुनवाई करते हुए अदालत ने डिस्चार्ज कर दिया।

शिकायतकर्ता पर कार्रवाई की अनुशंसा
डीएसपी जोगेंद्र ने बताया कि इस मामले में युवती के आरोपों की जांच की तो सभी आरोप झूठे मिले। युवती ने जिस-जिस तारीख को युवक सुनीत से जहां-जहां मुलाकात की बात कही थी, उन दिनों में दोनों की लोकेशन अलग-अलग थी और उनकी मुलाकात नहीं हुई थी। अब शिकायतकर्ता युवती के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 182 के तहत कार्रवाई की अनुशंसा कर दी है और दुष्कर्म के मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है।

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