छोटी, मगर ज़रूरी बातें
मोनिका अग्रवाल
यदि समाज को परिवार माने तो परिवार में प्रत्येक व्यक्ति से जुड़ाव के लिए संबंधों में मधुरता, अपनापन, आदर होना एक-दूसरे से जोड़े रखता है। इसी शिष्टाचार के अंतर्गत आज हम बात कर रहे हैं अड़ोस-पड़ोस में शिष्टाचार की।…
व्यवहार
मनुष्य को सबसे पहले उसकी बातों से, उसके व्यवहार से पहचाना जाता है इसलिए ज़रूरी है कि आप अपने आस-पड़ोस में भी सबसे अच्छा व्यवहार रखें। यदि आप अपना व्यवहार सही रखते हैं तो एक पड़ोसी के साथ-साथ आप एक अच्छा व्यक्ति भी बन सकते हैं।
झगड़ालू न बनें
सुख-दुख में साथ निभाने के लिए अड़ोस-पड़ोस भी अपनी अहमियत रखता है। बात-बात पर लड़ने-झगड़ने को तैयार रहना आपसी रिश्तों में दरार पैदा करेगा और परेशानी के समय आप खुद को अकेला पाएंगे इसलिए झगड़ालू न बने।
गॉसिप से बचें
अक्सर देखा जाता है लोगों की आदत होती है खाली बैठे अड़ोस-पड़ोस के बारे में झूठी या उल्टी-सीधी बातें करना। एक अच्छे पड़ोसी बनने के लिए ज़रूरी है कि फालतू की कोशिश से बचें और यदि आपके भरोसे आपके करीब हैं तो उनकी किसी भी बात को दूसरे पड़ोसी तक न पहुंचाएं। फालतू की गॉसिप से अड़ोस-पड़ोस में आपकी छवि खराब होगी।
आपसी प्यार
पड़ोसी भले ही हमारे परिवार का सदस्य नहीं, लेकिन उसकी परेशानी के समय यदि आप आगे बढ़कर उसके सहायता करेंगे तो आपका और उसका रिश्ता अच्छा बनेगा। एक अच्छा पड़ोसी बनने के लिए ज़रूरी है कि आप पड़ोसियों से मेलजोल बढ़ायें। उनके लाइफ़ स्टाइल, उनकी रुचि-अरुचियों के बारे में जानने की कोशिश करें।
हिचकें नहीं
हो सकता है आपके पड़ोसी के मन में कुछ हिचक हो तो क्यों न आप स्वयं ही पहल करें और जान-पहचान बढ़ाएं। जान-पहचान बढ़ाने का सबसे आसान ज़रिया है किसी भी बहाने से चाहे वह बच्चे ही क्यों न हो, उनको अपने घर पर आने का निमंत्रण दें। ऐसा करने से आपसी मेलजोल से आपसी सौहार्द बढ़ेगा और आप एक-दूसरे के सुख-दुख में खड़े नज़र आएंगे।
समझें उनको
समय-असमय पड़ोस में न जाएं। उनको समझने की कोशिश करें। ज़रूरी नहीं कि आप खाली हैं तो उनके पास भी कोई काम नहीं होगा। आपके गलत समय में पहुंचने से उन्हें तकलीफ ही होगी। धीरे-धीरे यह बातें आपसी मनमुटाव पैदा कर सकती हैं।
अपनी राय न दें
यही नहीं, बात-बात पर अपनी राय देने की आदत को भी बदलिए। अगर आपके पड़ोसी को आपकी राय की ज़रूरत होगी तो वह स्वयं आपसे मांग लेगा।
डस्टबिन का प्रयोग
अक्सर देखने में आता है कि लोग अपने घरों को साफ रखने के चक्कर में कूड़ा घर के बाहर फेंक देते हैं। बिना यह जाने कि आपके अड़ोस-पड़ोस को इस कूड़े से कितनी परेशानी हो रही है। यदि आप भी ऐसा कर रहे हैं तो डस्टबिन का उपयोग करें। यह झगड़े का कारण भी बन सकता है।
पालतू जानवर
यदि आपके घर में कोई पालतू जानवर है तो उसे बाहरी व्यक्ति के आने से पहले बांध के रखे। कई बार खुला हुआ जानवर आपके अड़ोसी-पड़ोसी को नुकसान पहुंचा सकता है जो बेवजह कलह का कारण बनेगा।
पार्किंग
हर सोसायटी, सड़क और हर क्षेत्र के अलग-अलग पार्किंग के नियम होते हैं। आप जिस भी क्षेत्र में रह रहे हैं आपको वहां के नियमों का ज्ञान होना बहुत जरूरी है। कहीं ऐसा न हो आप किसी और की पार्किंग में अपने वाहन को खड़ा कर दें और अनावश्यक लफड़े में पड़ कर आपसी संबंध खराब करें।
शोर न करें
पैरों की आवाज़ करते हुए चलना, जोर से बोलना या घर में जोर से स्पीकर चलाना पड़ोसी शिष्टाचार के खिलाफ है। आपके अड़ोस-पड़ोस में रहने वाले बुजुर्गों को आपकी इस आदत से परेशानी हो सकती है इसलिए यदि आप अपने घर में कोई पार्टी कर रहे हैं, जिसमें तेज आवाज़ों की गुंजाइश है तो आप पहले अपने पड़ोस में सूचना दे दें। घर में किसी भी तरह की मरम्मत करवा रहे हैं तो भी पड़ोसियों को बताना श्रेयस्कर है ताकि वह आवाजों से परेशान न हों।
लेनदेन से बचें
पड़ोसी शिष्टाचार का सबसे अहम नियम है कि आप आपस में प्यार बना रहे उसके लिए किसी भी प्रकार का लेनदेन न करें। चाहे वह रुपये-पैसे का हो या किसी भी खाद्य वस्तुओं का। यह शुरू में तो सही लगता है लेकिन देखा गया है बाद में आपसी मनमुटाव का कारण भी बन जाता है।
अनदेखी न करें
अपने अड़ोस-पड़ोस में रहने वाले बुजुर्गों या अपने हमउम्र पड़ोसी या फिर बच्चों से बचे नहीं। बल्कि नमस्ते, हेलो, हाय या फिर एक हल्की-सी मुस्कान उनके दिलों पर राज करवा सकती है। आप उनकी गुड बुक में हमेशा के लिए शामिल हो सकते हैं। आप चाहते हैं कि आपका पड़ोसी अच्छा हो, उसी तरह आपका पड़ोसी भी चाहता है कि आप अच्छे हों क्योंकि उनके लिए आप उनके पड़ोसी हैं।
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