न्यूयॉर्क, 27 अप्रैल (एजेंसी)
भारतीय मूल के अमेरिकी फिजिशियनों के एक संगठन के अध्यक्ष ने आगाह किया है कि दुनियाभर में सरकारों को सुनियोजित ढंग से लॉकडाउन हटाना होगा और अपनी अर्थव्यवस्थाओं को फिर से खोलना होगा नहीं तो घातक कोरोना वायरस वापसी करेगा और इस बार नुकसान पहले से ज्यादा होगा।
‘अमेरिकन फिजिशियन्स ऑफ इंडियन ऑरिजन (एएपीआई) के अध्यक्ष डॉ सुरेश रेड्डी ने वायरस के खिलाफ बहादुरी से जंग लड़ रहे भारतीय मूल के लाखों चिकित्साकर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि ‘अमेरिका में हर सातवां डॉक्टर भारतीय है और वे अग्रिम मोर्चे पर सैनिकों की तरह काम कर वायरस से जंग लड़ रहे हैं।’ रेड्डी ने कहा कि संपूर्ण चिकित्सा बिरादरी अब सेना बन गई है और कोरोना वायरस से जंग लड़ रही है। उन्होंने कहा कि जब तक कोरोना का कोई टीका या दवा विकसित नहीं हो जाती तब तक इसका प्रभाव एक से दो साल तक देखने को मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद मुझे नहीं लगता कि चीजें कभी भी पूरी तरह सामान्य हो पाएंगी। हम अकसर अपने हाथ धोते, सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहने नजर आएंगे। इसलिए यह एक नया भविष्य होगा, यही सामान्य होगा। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों एवं बंद के नियमों से लोगों का परेशान और बेचैन होना समझ में आता है लेकिन लॉकडाउन हटाने का काम बहुत ध्यानपूर्वक और धीरे-धीरे करना होगा। यह बहुत धीमी प्रक्रिया होगी।

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