गरीबी में फंस सकते हैं 40 करोड़ लोग
संयुक्त राष्ट्र, 8 अप्रैल (एजेंसी)
संयुक्त राष्ट्र के श्रम निकाय ने चेतावनी दी है कि कोरोना संकट के कारण भारत में अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले लगभग 40 करोड़ लोग गरीबी में फंस सकते हैं। अनुमान है कि इस साल दुनिया भर में 19.5 करोड़ लोगों की पूर्णकालिक नौकरी छूट सकती है।
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की रिपोर्ट ‘आईएलओ निगरानी- दूसरा संस्करण : कोविड-19 और वैश्विक कामकाज’ में कोरोना को दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे भयानक संकट बताया है। आईएलओ के महानिदेशक गाय राइडर ने कहा, ‘विकसित और विकासशील दोनों अर्थव्यवस्थाओं में श्रमिकों और व्यवसायों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हमें तेजी से, निर्णायक रूप से और एक साथ कदम उठाने होंगे।’ रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर में 2 अरब लोग अनौपचारिक क्षेत्र में काम करते हैं। इनमें से ज्यादातर उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में हैं और ये विशेष रूप से संकट में हैं। कोरोना से पहले ही अनौपचारिक क्षेत्र के लाखों श्रमिक प्रभावित हो चुके हैं। भारत, नाइजीरिया, ब्राजील में नियंत्रण उपायों से बड़ी संख्या में अनौपचारिक अर्थव्यवस्था के श्रमिक प्रभावित हुए हैं। रोजगार में सबसे अधिक कटौती अरब देशों में होने के आसार हैं।
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