यमुनानगर में शुक्रवार को सरस मेले में स्टालों पर हस्त शिल्पियों की कला को देखती मुख्यातिथि। -हप्र

यमुनानगर, 14 फरवरी (हप्र)
सरस मेला ग्रामीण भारत की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में दिन-प्रतिदिन रुझान बढ़ रहा है और लोग इस मेले में खरीददारी भी कर रहे हैं। यह मेला कलात्मक दृष्टि से भी लोगों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। मेले में उत्तर प्रदेश से आए शिल्पकारों द्वारा घर की साज-सज्जा और दैनिक प्रयोग की वस्तुओं पर आधारित लकड़ी, मिट्टी और टेराकोटा के उत्पाद स्टालों पर सजाए हैं।
कलात्मक उत्पादों के साथ-साथ प्ररेणादायक उत्पाद भी मेले का आकर्षण बढ़ा रहे है। तीनको व बेकार लकड़ी से कलाकारों ने पक्षियों के घोंसले तैयार किए हैं। घौंसलों से लदे पेड़ों के मॉडल पर्यावरण सुरक्षा की प्रेरणा देते नजर आ रहे है। इसी प्रकार मिट्टी से बने बर्तन, तवें, हांडी व अन्य सामान भारत की प्राचीन ग्रामीण जीवन शैली को दिखा रहे हैं और बदलते परिवेश में शहरी क्षेत्र के लोग भी ऐसे उत्पादों को अपनी रसोई का हिस्सा बनाने के लिए काफी उत्सुक नजर आते है। खान-पान की सादगी और शुद्धता का संदेश भी मेले में देखा जा सकता है। एक और जहां जींद जिला से आए प्रतिभागी लोगों को खुम्भ के पकौड़े और जलेबी के लाजवाब स्वाद से आकर्षित कर रहे है, वहीं साग, मक्की की रोटी व अन्य पारंपरिक व्यंजन से सुसज्जित ग्रामीण रसोई में भी दर्शकों की अच्छी भीड़ देखी जा सकती है। डीसी मुकुल कुमार, एडीसी प्रतिमा चौधरी, एसडीएम बिलासपुर नवीन आहूजा, नगराधीश बीबी कौशिक व एसडीएम दर्शन लाल ने भी मिट्टी के बर्तनों में ग्रामीण रसोई के स्वादिष्ट खाने का स्वाद चखा।

सरस मेले में कलाकार शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति के दौरान करते। -हप्र

चूड़ियां, आर्टिफिशियल ज्यूलरी ने मोह लिया मन
मेले में महिलाओं की विशेष पसंद चूड़िया, आर्टिफिशीयल ज्यूलरी, लाकेट, छल्ले व साज-सज्जा का अन्य सामान भी मेले की रौनक बना हुआ है। सितारों के साथ अलग-अलग डिजाइन में बनाए महिलाओं के पर्स, कपड़े के अलग-अलग डिजाईन, कपड़े से बनाए गए खिलौने के स्टाल भी इस मेले की रौनक को बढ़ा रहे है। किसानों को जीरो बजट की कृषि, जैविक खाद के इस्तेमाल की प्रेरणा के स्टाल लगे हैं। मसाले व देसी दवाईयां, कढ़ाईदार जूत्ती सहित 230 से अधिक स्टालों पर देश के अलग-अलग राज्यों और हरियाणा के उत्तरी, दक्षिणी, पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्र के लोगों के अलग-अलग रहन-सहन, खानपान, पहरावें और पारम्परिक जीवन शैली की आकर्षक तस्वीर प्रस्तुत की जा रही है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोह लिया मन
सरस मेला में कईं कलाकारों की टीमों ने अपने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी और इस सांस्कृतिक संध्या की अध्यक्षता हरियाणा समाज कल्याण बोर्ड की चेयरपर्सन रोजी मलिक आनंद ने की। सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने हरियाणवी संस्कृति की झलक पेश की व चुटकलों व धार्मिक गीतों से दर्शकों मंत्र मुग्ध कर दिया। राजकीय कॉलेज छछरौली, न्यू हैप्पी स्कूल, ज्योतिबा फूले राजकीय महाविद्यालय रादौर, राजकीय कन्या वरिष्ठ कन्या माध्यमिक विद्यालय जगाधरी के विद्यार्थी कलाकारों ने अपनी कला के जौहर दिखाए।

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