भुगतान न उठान, किसान-आढ़ती परेशान
झज्जर, 24 अप्रैल (हप्र)
बेशक शासन व प्रशासन मंडियों में आ रही किसानों की फसल के समय पर उठान होने व समय पर ही भुगतान होने के लाख दावे कर रहा हो, लेकिन यह एक कड़वी सच्चाई है कि न तो किसानों व आढ़तियों काे भुगतान हो रहा है और न हीं मंडी में पड़ी फसल का समय पर उठान हो रहा है। बता दें कि इस बार गेहूं की फसल काफी अच्छी हुई है मगर शासन-प्रशासन की लेट-लतीफी के चलते फसल की खरीद व उठान में देरी हो रही है। आढ़ती सरकार से पेमेंट न होने का रोना अलग से रो रहे हैं। उनका कहना है की वे फसल की खरीद कर सरकार को दे चुके हैं मगर सरकार उनकी पेमेंट नहीं कर रही है जबकि किसान उनसे पेमेंट के लिए आए दिन बहसबाजी कर रहे हैं। मंडी के आढ़ती चांद बताते हैं की गेहूं की फसल मंडी में आने से पहले सरसों गोदामों में चली जानी चाहिए थी मगर ऐसा नहीं हुआ। अब आलम यह है की मंडी में फसलों के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं और किसान की फसल रखवाने के लिए जगह का भी टोटा है। उन्होंने कहा की आढ़ती पहले ही बरसात में फसल भीग जाने से नुकसान उठा चुके हैं। आढ़ती हरेंद्र सिलाना बताते हैं कि गेहूं के उठान व सरसों की खरीद की समस्या है। परचेज एजेंसी कहती है की उनका कोटा पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा की वे 2 करोड़ की कीमत की गेहूं की फसल सरकार को खरीदकर दे चुके हैं मगर अभी तक उनको एक पैसा भी पेमेंट नहीं हो पाई है। जबकि किसान रोज पैसों के लिए तकाजा कर रहे हैं।
नाराज किसानों ने दूसरे दिन भी किया प्रदर्शन
बहल (निस) : बारिश एवं ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों के मुआवजे के फार्म नहीं लिए जाने से नाराज किसानों ने बंद पड़े कृषि कार्यालय के आगे दूसरे दिन भी प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी बर्बाद फसलों के फार्म नहीं लिए जाएंगे तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। बुधवार को बड़ी संख्या में किसान अनाज मंडी स्थित कृषि कार्यालय पर पहुंचे। किसानों ने कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया तथा अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेशाध्यक्ष रवि आजाद ने कहा कि किसानों को पहले यह नहीं बताया गया था कि उनको 72 घंटे में ही फसल खराबे की रिपोर्ट देनी होगी। अब जब किसान कार्यालय आए तो उनके फार्म लेने से इनकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों के फार्म नहीं लिए जाएंगे तब तक किसान आंदोलन करते रहेंगे।
किसान सभा ने किया प्रदर्शन
सिवानीमंडी (निस) : अखिल भारतीय किसान सभा ने बुधवार को सिवानी स्थित अनाज मण्डी में सरसों की खरीद दोबारा चालू करने की मांग को लेकर धरना दिया व सरकार की किसान विरोधी नीतियों की निंदा करते हुए प्रदर्शन किया। किसान नेता दयानंद पूनियां ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कल से अचानक सिवानी अनाजमंडी में सरसों की खरीद बंद कर दी है जिस कारण किसानों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि खंड के काफी गांवों की सरसों का अभी तक नंबर नहीं आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले साल भी आधे से ज्यादा किसानों की सरसों बिके बगैर रह गयी थी। अपने उद्बोधन में किसान नेता बलवान सिंह बागड़ी ने कहा कि सिवानी इलाके में लगभग 6 लाख क्विंटल सरसों पैदा हुई है और खरीद अभी तक लगभग 80 हजार क्विंटल ही हुई है।
यह बोले उपायुक्त
ल के उठान का एक सिस्टम है। उठान करने वाले ठेकेदार को समय लगता है मगर किसान चार-पांच दिन में इतनी फसल ले आते हैं की उनको जगह की समस्या आती है। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों की दिक्कत फसल के समय उठान में होती ही है। डीसी कहते हैं की प्रदेश में किसान खेतों से सीधे गेहूं को मंडी में एक साथ ले आते हैं। इस बार झज्जर जिले में 2 लाख मीट्रिक टन गेहूं आने की सभावना है। पेमेंट न होने के बारे में उन्होंने बताया की सरसों की पेमेंट की जा चुकी है।
गुस्साये किसानों ने मंडी के गेट बंद कर दिया धरना
सिरसा (निस) : कालांवाली में खरीद एजेंसी हैफेड द्वारा बुधवार को सरसों की खरीद न करने को लेकर किसानों ने अनाज मंडी में रोष प्रदर्शन किया और मंडी के चारों गेट बंद कर मार्केट कमेटी के समक्ष धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। लगभग 2 घंटे चले इस रोष प्रदर्शन के कारण वाहन चालकों को काफी दिक्कत पेश आई। मार्केट कमेटी के सचिव मेजर सिंह सिधू द्वारा अधिकारियों के निर्देश पर किसनों को हैफेड द्वारा सरसों की खरीद शुरू करने का आश्वासन देने पर किसानों ने धरना समाप्त किया। किसान यूनियन के प्रधान गुरदास सिंह ने बताया कि बुधवार को गांव सुबाखेड़ा व तारूआना के किसान अपनी सरसों की फसल बेचने के लिए हैफेड की को-आप्रेटिव सोसायटी पर आए थे लेकिन सोसायटी अधिकारियों ने यह कहते हुए सरसों खरीदने से मना कर दिया कि उनका टारगेट पूरा हो गया। इस सबंध में जब हैफेड के मैनेजर राजेंद्र शर्मा ने कहा कि उनका सरसों खरीद का जो टारगेट था वह लगभग पूरा हो चुका है इसलिए उन्होंने सरसों की खरीद से मना किया था। अब उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दोबारा से सरसों की खरीद शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि हैफेड द्वारा कालांवाली में 15 हजार व ओढां में 35 हजार क्विंटल सरसों की खरीद कर चुकी है।
डीसी ने किया अनाज मंडियों का दौरा
फतेहाबाद (निस) : उपायुक्त धीरेन्द्र खडग़टा ने टोहाना की अनाज मंडियों का दौरा किया और खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को खरीद कार्य और उठान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने इस अवसर पर व्यापारियों की समस्याओं को सुना और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन समस्याओं को तुरंत दूर करें। उपायुक्त ने मंडी में चल रहे खरीद कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने मंडी में गेहूं खरीद तोल को भी जांचा। उपायुक्त ने मार्केट कमेटी अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसान को अपनी फसल बेचने में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। इसके साथ-साथ मंडी में आई गेहूं की फसल का जिस खरीद एजेंसी ने खरीदा है, उसका उठान भी तुरंत कर दिया जाए। उपायुक्त ने आढ़तियों की समस्याएं सुनते हुए अधिकारियों से कहा कि आढ़तियों को खरीद और उठान में दिक्कत नहीं आनी चाहिए। व्यापार मंडल प्रतिनिधियों से पूछकर व्यवस्थित ढंग से गेहूं का उठान खरीद एजेंसियां ठेकेदार के माध्यम से करवाएं। इस अवसर पर एसडीएम सुरेन्द्र बैनीवाल, मार्केट कमेटी सचिव बलवान सिंह, जसवंत सिंह सहित विभिन्न खरीद एजेंसियों के अधिकारी और व्यापार मंडल सदस्य मौजूद थे।
सरसों व गेहूं खरीदने में सरकार पूरी तरह से फेल : संपत
हिसार (हप्र) : पूर्व मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रो. संपत सिंह ने कहा कि सरसों और गेहूं समर्थन मूल्य खरीदने में सरकार बुरी तरह से फेल हो चुकी है। किसान अपना अनाज मंडियों में खर्चा करके रोजाना ला रहे हैं, परंतु सरकार कोई-न-कोई बहाना करके किसानों को इतना परेशान कर रही है कि इस भयंकर गर्मी में भूखे और प्यासे अपने अनाज की ढेरियों पर सोने को मजबूर हो रहे है। कई मंडियों में तो अब तक तो एक भी दाना नहीं खरीदा गया है। सरकार चुनाव में इतनी व्यस्त हो चुकी है कि किसानों को उनके अपने रहमो-कर्म पर छोड़ दिया है।
महम मंडी शैड के नीचे नहीं लगेंगे खरीद एजेंसियों के टैग
रोहतक (हप्र) : इस बार महम मंडी में शेड के नीचे गेहूं बैग नहीं रखे जाएंगे। हैफेड ने गेंहू रखने के लिए मंडी से बाहर गुप्ता कॉटन मिल के अंदर खुले पड़े प्रांगण में किराए की जगह ली है। यहां खरीद एजेंसी ने अपने बैग रखवाने शुरू कर दिए हैं। इससे पहले मार्केट कमेटी को किराया देकर मंडी शैड के नीचे ही ये एजेंसियां अपने गेहूं बैग रखती थी। लेबर द्वारा लोहे की कुंडी लगाकर गेहूं बैग को उतारा व चढ़ाया जाता है। इससे गेहूं बैग में अनेक छोटे-छोटे छेद हो जाते हैं जिससे गेहूं बाहर निकलकर जमीन पर गिरता रहता है। इस बारे मार्केट कमेटी सचिव राजबीर अहलावत का कहना है कि गेहूं व सरसों की खरीद सुचारू रूप से चल रही है। लेबर की कमी से उठान मंदा है। इसकी किल्लत जल्द ही दूर हो जाएगी।
आढ़तियों ने मांगी गेहूं खरीद की शर्तों में ढील
सिरसा (निस) : आढ़ती एसोसिएशन सिरसा के बैनर तले बुधवार को मंडी के आढ़तियों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के समक्ष धरना दिया और सरकार से गेहूं खरीद की शर्तों में ढील दिए जाने की मांग की। धरने की अध्यक्षता एसोसिएशन के जिला प्रधान हरदीप सरकारिया ने की। इस मौके पर बड़ी संख्या में मंडी के आढ़ती भी धरने में शामिल हुए। सूचना मिलने पर हरियाणा वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के चेयरमैन श्रीनिवास गोयल आढ़तियों के बीच पहुंचे और उन्हें शीघ्र ही समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद आढ़तियों ने धरना समाप्त कर दिया। धरनारत आढ़तियों को संबोधित करते हुए प्रधान हरदीप सरकारिया ने कहा कि सरकार की गेहूं खरीद की शर्तों की वजह से किसान व आढ़ती परेशान हो गया है। पिछले दिनों अचानक आई बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं का रंग फीका पड़ गया है। सरकार द्वारा लस्टरलेस गेहूं की खरीद से इंकार किया जा रहा है। जिसके कारण मंडियों में गेहूं की खरीद का कार्य रूका पड़ा है। किसान एक सप्ताह से मंडियों में अपनी उपज बिकने का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया तो समस्या विकराल हो जाएगी।
200 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल राख
रोहतक (निस) : गांव कंसाला स्थित खेतों में आग लगने से करीब 200 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से दमकल कर्मचारियों ने कई घंटे बाद आग पर काबू पाया। आग लगने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है और उन्होंने जिला प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। इसी दौरान कांग्रेस प्रत्याशी दीपेन्द्र हुड्डा गांव में जनसभा को संबोधित कर रहे थे और उन्हें आग लगने की सूचना मिली तो वे जनसभा को बीच में छोड़कर खेतों में पहुंचे, लेकिन तब तक अधिकतर गेहूं की फसल जल चुकी थी। उन्होंने नुकसान का जायजा लिया और मौके पर ही उपायुक्त से बातचीत की। बताया जा रहा है कि वीरवार को जिला प्रशासन की टीम भी जायजा लेने के लिए गांव कंसाला जाएगी। आग इतनी तेजी से फैली की गेहूं की कटाई कर रहे किसानों ने किसी तरह भागकर जान बचाई।
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