कमलेश भारतीय

आठवें दशक से लघुकथा ने करवट ली और कहें कि साहित्य आकाश में दस्तक दी। आठवें दशक में अनेक लघुकथा विशेषांक और एकल लघुकथा संग्रह सामने आए। यहां तक कि लघुकथा पोस्टर प्रदर्शनियों से भी इसे विस्तार मिला। पाठ्यक्रमों में लघुकथाएं संकलित होने लगीं। बलराम के ‘लघुकथा कोश’ और योगराज प्रभाकर के लघुकथा ‘महाकलश’ जैसे अनेक बृहद प्रयास। डाॅ. कमल चोपड़ा की वार्षिकी संरचना। ऐसे में डॉ. अशोक भाटिया के संपादन में कथा समय जैसा संकलन इसकी समाज व साहित्य में स्वीकार्यता को एक बार फिर सिद्ध करता है।
पुस्तक कथा समय में अशोक भाटिया समेत कुल आठ महत्वपूर्ण लघुकथाकारों की लगभग डेढ़ सौ से अधिक लघुकथाएं संकलित हैं। इनमें बलराम अग्रवाल, डाॅ. कमल चोपड़ा, सुकेश साहनी, भागीरथ, दीपक मशाल, माधव नागदा और चंद्रेश कुमार छतलानी और स्वयं अशोक भाटिया की लघुकथाएं संकलित हैं।
जहां तक लघुकथाओं की बात है, इनमें हमारे समाज के हर कोने से लघुकथाएं शामिल हैं। हर सामाजिक समस्या पर आपको लघुकथा मिल जायेगी। राजनीति, शिक्षा, प्रेम, साम्प्रदायिकता, दंगे, सामाजिक संबंध आदि हर पहलू इनमें दिखाई देता है।
रचनाकारों ने अपने-अपने व्यवसाय पर आधारित रचनाएं भी लिखी हैं। डाॅ. कमल चोपड़ा ने साम्प्रदायिक दंगों पर प्रमुखता से रचनाएं लिखीं तो अशोक भाटिया ने सामाजिक भेदभाव पर। कमल चोपड़ा की छोनू, वैल्यू, लिव इन, इतनी दूर, खुदकुशी, मंडी में रामदीन ध्यान आकर्षित करती हैं। अशोक भाटिया की तीसरा चित्र, बेतार की नयी कहानी और स्टेट्स दिखाती नमस्ते की वापसी। बलराम अग्रवाल ने कुछ प्यार के रंग दिखाए। भागीरथ की चिंताएं अलग हैं। जमीन में से लड़की को हक कौन देगा? रेंजर दौरे पर सरकारी दौरों की पोल खोलती है। बलराम अग्रवाल की समंदर : एक प्रेम कथा, मुलाकातें, बिना नाल का घोड़ा, प्रेम गली अति सांकरी अपनी तरह की लघुकथाएं हैं। दो नये रचनाकारों दीपक मशाल और चंद्रेश कुमार छतलानी ने अपनी ताज़गी और नयी धार की भाषा के साथ प्रभावित किया। चंद्रेश की लघुकथाएं सांकेतिक हैं और धार तेज़। दीपक मशाल भी लघुकथा भाषा के माध्यम से प्रेम की भाषा मौन साबित करते हैं। सुकेश साहनी की ठंडी रजाई, गोश्त की गंध, कुआं खोदने वाला, प्रतिमाएं, बिरादरी उल्लेखनीय हैं।
यह संकलन नये-पुराने रचनाकारों का समन्वय है। नये रचनाकारों के लिए यह एक पठनीय संकलन।
पुस्तक : कथा समय संपादक : डॉ. अशोक भाटिया प्रकाशक : अनुज्ञा बुक्स, दिल्ली पृष्ठ : 256 मूल्य : रु. 300.

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