गैर-जिम्मेदार व्यवहार

कोरोना वायरस के कारण सभी लोग अपने घरों में हैं। लोग खबरों के माध्यम से ही बाहरी दुनिया से जुड़े हुए हैं। देश के सभी अखबार, न्यूज चैनल व तमाम ई-मीडिया कोरोना से जुड़ी खबरें प्रसारित कर रहे हैं। लेकिन कई मीडिया चैनल बिना आधिकारिक पुष्टि के ही खबरें चला रहे हैं, जिससे सामाजिक शांति भंग होने का खतरा बढ़ जाता है। गलत खबर फैलाने का सबसे बड़ा माध्यम सोशल मीडिया है जहां लोग बिना सोचे-समझे उसे आगे फॉरवर्ड कर देते हैं।
भूपेंद्र सिंह रंगा, पानीपत

मुफ्त में जांच
देश इस समय कोरोना की महामारी से जूझ रहा है। कोविड-19 से पीड़ित मरीज की जांच के लिए टेस्ट निजी लैब में 4500 रुपए निर्धारित था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकार मान्यताप्राप्त लैब में यह टेस्ट मुफ्त में करवाने के निर्देश जारी करे। यह बहुत ही सराहनीय कार्य किया है। गरीब लोग इतना महंगा टेस्ट करवाने में असमर्थ है। सरकारों को मुफ्त में टेस्ट करवाने के लिए मान्यताप्राप्त निजी लैबों को निर्देश जारी करने चाहिए।
संदीप कुमार, चंडीगढ़

लॉकडाउन का बढ़ना
प्रधानमंत्री का लॉकडाउन का 19 दिन के लिए और बढ़ाया जाना सही निर्णय है। भारत की अधिकांश जनसंख्या लॉकडाउन का पूरा पालन कर रही है। कुछ तथाकथित लोग ही हैं जो पालन नहीं कर रहे हैं। प्रशासन को सख्ती में कोई ढिलाई नहीं देनी चाहिए। अपने-अपने वार्ड के पार्षद क्षेत्र की जनता को घर में ही रोके तो भी लॉकडाउन सफल हो सकता है।
प्रदीप कुमार दुबे, देवास, म.प्र.

खतरे की वजह
पूरी दुनिया इस समय कोरोना महामारी से जूझ रही है। वहीं कुछ लोग खतरे का कारण बने हुए हैं। अभी भी कई घरों में नौकरों से काम लिया जा रहा है। कई जगहों पर लंगर और राशन वितरित करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल नहीं रख रहे। सरकार को ऐसी गतिविधियों पर नजर रखनी होगी।
राघव जैन, जालंधर

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