अनाज कम नहीं, दहशत बिगाड़ सकती है हालात
संयुक्त राष्ट्र, 4 अप्रैल (एजेंसी)
कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते प्रकोप का अब तक वैश्विक खाद्य आपूर्ति शृंखला पर बहुत कम प्रभाव पड़ा है, लेकिन चिंता से ग्रस्त बड़े खाद्य निर्यातक दहशत में आए तो यह स्थिति बहुत जल्द बिगड़ सकती है। विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने अपनी एक रिपोर्ट में यह बात कही है। रिपोर्ट के अनुसार, मूल अनाजों के लिए वैश्विक बाजार पूरी तरह भरे-पूरे हैं और कीमतें आमतौर पर कम हैं। हालांकि, खाद्य उत्पादन एवं आपूर्ति की बेहद वैश्वीकृत प्रकृति को देखते हुए इन सामग्रियों को विश्व के ‘ब्रेडबास्केट’ (उत्पादन के मुख्य केंद्र) से निकालकर उन स्थानों तक पहुंचाने की जरूरत है, जहां इनकी खपत है। कोरोना संबंधी बचाव उपाय इसे बेहद चुनौतीपूर्ण बना रहे हैं। डब्ल्यूएफपी की वरिष्ठ प्रवक्ता एलिजाबेथ बिर्स ने कहा, ‘अभी तक किसी तरह की कमी नहीं है, खाद्य आपूर्ति पर्याप्त है और बाजार अपेक्षाकृत स्थिर हैं।’ उन्होंने कहा कि वैश्विक अनाज भंडार सहज स्तर पर है और गेहूं तथा अन्य मुख्य अनाजों की संभावना भी पूरे साल सकारात्मक नजर आ रही है। लेकिन बहुत जल्द हमें खाद्य आपूर्ति शृंखलाओं में दरार पड़ती दिख सकती है। क्योंकि बड़े निर्यातकों का यदि मूल खाद्य सामग्रियों के भरोसेमंद प्रवाह में यकीन नहीं रहेगा, तो हड़बड़ी में खरीदारी से कीमतें बढ़ेंगी।
रिपोर्ट में खाद्य एवं कृषि संगठन के एक विशेषज्ञ के हवाले से कहा गया है, ‘समस्या आपूर्ति की नहीं, बल्कि व्यावहारगत परिवर्तन है। थोक में खरीदारी करने वाले अगर सोचने लगें कि मई और जून में वे गेहूं या चावल नहीं खरीद पाएंगे, तो सोचिए क्या होगा। इसी सोच के कारण खाद्य आपूर्ति संकट पैदा हो सकता है।’
The post अनाज कम नहीं, दहशत बिगाड़ सकती है हालात appeared first on दैनिक ट्रिब्यून.
from दैनिक ट्रिब्यून https://ift.tt/2RbkUxo
via Latest News in Hindi
0 Comments