जिनेवा, 4 अप्रैल (एजेंसी)
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के प्रमुखों ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी में नौकरियां बचाने के लिए जीवन बचाना ‘जरूरी’ है। उन्होंने इस संकट को ‘मानवता के समक्ष सबसे बड़े संकटों में से एक’ करार दिया। डब्ल्यूएचओ महानिदेशक तेदरोस अदहानोम ग्रेबेयसस और आईएमएफ प्रबंध निदेशक क्रिस्तालीना जॉर्जियेवा ने कहा कि आर्थिक गतिविधि को संभालने के लिए कोरोना वायरस को नियंत्रित करना पहली आवश्यकता है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि सही संतुलन बिठाना मुश्किल है। वैश्विक अर्थव्यवस्था कोरोना वायरस और संबंधित बंद के चलते चरमरा गयी है, जहां आधी से ज्यादा आबादी किसी न किसी तरह घर के अंदर रहने के आदेशों को पालन कर रही है।
कोविड-19 से 50,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 लाख से ज्यादा लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। तेदरोस और जॉर्जियेवा ने ब्रिटिश समाचार-पत्र ‘द डेली टेलीग्राफ’ में संयुक्त लेख में कहा, ‘विश्व कोविड-19 के प्रति प्रतिक्रिया दे रहा है, एक के बाद एक देश वायरस के प्रसार को रोकने की जरूरत का सामना कर रहा है और यह समाज एवं अर्थव्यवस्था की रफ्तार थमने की कीमत पर हो रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘सवाल यह है कि या तो जिंदगी बचाएं या नौकरियां। यह एक गलत कशमकश है।

The post नौकरियां बचाने के लिए जीवन बचाना जरूरी appeared first on दैनिक ट्रिब्यून.



from दैनिक ट्रिब्यून https://ift.tt/2RalyLV
via Latest News in Hindi

0 Comments