लुधियाना, 23 अप्रैल (निस)
लॉकडाउन में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा उद्यमियों को इंडस्ट्री चलाने की अनुमति देते कुछ गॉइडलाइन जारी की गयी थीं, जो उद्यमियों के लिए गले की फांस बन गयी थी। यह बात पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के राज्य महासचिव सुनील मेहरा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों को पूरा वेतन देने, उनके रहन -सहन, ट्रांसपोर्टेशन, सामाजिक दूरी व उनके स्वास्थ आदि के बारे में हिदायतें दी हैं। इन निर्देशों का उद्यमी पूरी तरह पालन करेंगे। लेकिन सरकार की गाइडलाइन में श्रमिकों को कोरोना वायरस होने पर उद्यमी पर एफआईआर दर्ज करने की बात की गई थी। पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक यह बात पहुंचाने के बाद अब श्रमिको को कोरोना होने पर उद्यमियों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी जिसका व्यापार मंडल स्वागत करता है। यापार मंडल के राज्य सचिव मोहिंदर अग्रवाल ने कहा कि सरकार को बैंको की किस्तों, जीएसटी रिटर्न, बिजली बिल आदि को 6 महीने के लिए पैंडिंग कर देना चाहिए और उनको बिना ब्याज के सस्ते लोन, बैंको से कैश लिमिट उपलब्ध करवाने की मांग की ताकि उद्यमियों को कुछ राहत मिल सके। उन्होंने आगे कहा कि सरकार के आदेश के बाबजूद बैंक उद्यमियों की लोन की किस्त काट रहे हैं जो कि गलत है।

उद्यमियों को बिजली बिल भेजना उनके साथ भद्दा मजाक
जिला अध्यक्ष अरविंदर सिंह मक्कड़ ने कहा कि कोरोना के कारण काम-धंधे बंद होने के बावजूद कैप्टन सरकार उद्यमियों को बिजली के अग्रिम बिल भेज रही है। आपदा कि इस घड़ी में कैप्टन सरकार को उद्यमियों का साथ देना चाहिए क्योंकि इस वक़्त व्यापार बिल्कुल जीरो है और उद्यमियों को बिजली के बिल भेजना उनके साथ भद्दा मजाक है।

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