परिजनों के साथ करें चरित्र एवं व्यक्तित्व का निर्माण
अजय मल्होत्रा/हप्र
भिवानी 14 अप्रैल
भौतिकता के दौर में आलम ऐसा बन गया है कि परिजनों के साथ बैठकर बात करने की भी फुर्सत नहीं मिलती है। लेकिन समय की मजबूरी ने लॉकडाउन के माध्यम से विशेषकर युवा वर्ग को अपने परिजनों के साथ अपने विचार सांझा करने का अवसर प्रदान किया है। शहर के प्रमुख शिक्षाविदों ने युवाओं से घर पर रहते हुए अपने परिजनों के साथ अपने विचार सांझा करने, चरित्र व व्यक्तित्व का निर्माण करने की अपील की है। युवाओं को चाहिए कि वे इसे सुनहरा अवसर मानें और समय का सदुपयोग करें।
परिवार से साझा करें अपने विचार : डॉ. बुद्धदेव आर्य
सेवानिवृत्त कॉलेज प्राचार्य डॉ. बुद्धदेव आर्य के अनुसार युवाओं को चाहिए कि वे अपने परिजनों के साथ अधिक से अधिक समय व्यतीत करें। परिजनों के साथ परिवार, समाज व राष्ट्र निर्माण के बारे में भी विचार सांझा करें। दैनिक कार्यों के साथ अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
घर पर करें रचनात्मक कार्य : डॉ. माया यादव

सेवानिवृत्त कॉलेज प्राचार्या डॉ. माया यादव के अनुसार युवा वर्ग को अपने घर रहते हुए रचनात्मक कार्य करने चाहिए। अपने पंसदीदा विषय की तैयारी करें। आजकल इंटरनेट का जमाना है और जहां हर सुविधा उपलब्ध है। युवा अध्ययन कार्य के अलावा अपने टेलेंट को उभारें।
घर को कैद न समझें : डॉ. ओडी शर्मा
सेवानिवृत्त कॉलेज प्राचार्य डॉ. ओडी शर्मा ने युवाओं से अपील की कि वे ऑन लाइन अपनी पढ़ाई की तैयारी करें। समय को बर्बाद न करें। समय की बहुत कीमत होती है। उन्होंने कहा कि युवा घर पर रहने को कैद न समझें। अपनी रुचि के अनुसार घर पर काम करें।
एक आदर्श स्थापित करें : डॉ. सतीश आर्य
सेवानिवृत्त कॉलेज प्राचार्य डॉ. सतीश आर्य ने युवाओं का आह्वान किया है कि वे अनुशासन में रहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सरकार व प्रशासन के निर्देशों की पालना करें। युवा एक आदर्श स्थापित करें। किसी भी तरह से आवारागर्दी से बचें।
युवा देश की वास्तविक शक्ति : डॉ. एसएन शर्मा
सेवानिवृत्त कॉलेज प्राचार्य डॉ. एसएन शर्मा ने कहा कि युवा ही देश की वास्तविक शक्ति होते हैं। लॉक डाउन के नियमों की पालना करना युवा वर्ग का फर्ज बनता है। युवा वर्ग को चाहिए कि वे घर से बाहर न निकलें। अपने आसपास परिवेश में भी ध्यान दें और जरूरतमंद की मदद करें।
समाज के अहित वाला काम न करें : डॉ. जेपी शर्मा
सेवानिवृत्त कॉलेज प्राचार्य डॉ.जेपी शर्मा ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि यह लॉकडाउन हमेशा के लिए रहने वाला नहीं है। युवा ऐसा कोई कार्य न करें जिससे समाज का अहित हो। युवा एकांत जीवन को परेशानी न समझें। अपने आप को समाज हित के कार्यों में व्यस्त करें। बुजुर्गों की सेवा करें।
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