शिमला, 22 मार्च (निस)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनता कर्फ्यू का पहाड़ों पर जबरदस्त असर नजर आया। हिमाचल में मैदानी इलाकों से लेकर बर्फ से ढके और शेष दुनिया से बीते चार महीनों से कटे लाहौल स्पीति तक लोगों ने प्रधानमंत्री के जनता कर्फ्यू के आह्वान पर खुद को दिन भर घरों में कैद रखा। इस दौरान राज्य के तमाम हिस्सों में सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा और पुलिस भी नाममात्र की ही नजर आई।
राजधानी शिमला में आज सड़कों पर पूरा दिन सन्नाटा छाया रहा। रोगी व पुलिस वाहनों को छोड़कर बाकी कोई भी वाहन सड़कों पर नहीं दौड़ा। यही स्थिति प्रदेश के अन्य शहरों की भी रही और छोटे कस्बों से लेकर गांवों तक लोग अपने घरों तक ही सीमित रहे। ऊना के उपायुक्त संदीप कुमार ने दावा किया कि जिलावासियों ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए जनता कर्फ्यू को पूरा समर्थन दिया। जिले में आज पेट्रोल पंप, सब्जी मंडी और राशन की दुकानें भी पूरी तरह बंद रही। राजधानी शिमला में जिला प्रशासन ने लोगों से कल सुबह सात बजे तक जनता कर्फ्यू का पालन करने की अपील की है। उपायुक्त अमित कश्यप ने सोशल मीडिया पर जारी अपील में लोगों से कहा है कि वे जिम्मेदार नागरिक की हैसियत से तथा कोरोना वायरस की नाजुकता को समझते हुए कल सुबह सात बजे तक जनता कर्फ्यू का पालन करें ताकि कोरोना वायरस के चेन को तोड़ा जा सके।
इस बीच, शाम पांच बजते ही लोग अपने घरों के दरवाजे, खिड़कियां और छतों पर निकल आए तथा घंटियों, तालियों, थालियों और शंखनाद की गूंज से पहाड़ गूंज उठे। राजधानी शिमला में इस दौरान ऐसा नजारा पेश आया, मानो कोई बहुत बड़ा धार्मिक अनुष्ठान हो रहा हो। इस दौरान सुबह से शांत पड़ी वादियां अचानक शंख, तालियों और थालियों तथा घंटियों की आवाजों से गूंज उठी। प्रधानमंत्री ने हालांकि पांच मिनट के लिए घंटी, ताली, शंखनाद और थाली का आह्वान किया था लेकिन शिमला सहित प्रदेश भर में 15 मिनट तक ये ध्वनियां गूंजती रहीं।
राजनेताओं ने भी तालियां, थालियां, घंटी और शंखनाद में पूरी भागीदारी की। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने नाहन में थाली बजाई जबकि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने समीरपुर में तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने सरकारी आवास पर इसमें भागीदारी की।
कांगड़ा लॉकडाउन
हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा में प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन घोषित कर दिया है। कांगड़ा जिला में कोरोना महामारी के दो मामले सामने आने के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांगड़ा जिला में लॉकडाउन के आदेशों पर आज हस्ताक्षर किए। आदेशों में कहा गया है कि जिले में लॉकडाउन घोषित करने के बाद सभी अंतर्राज्यीय और राज्यों के भीतर लोगों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। यह रोक टैक्सी वाहनों, निजी वाहनों और कांट्रेक्ट कैरेज वाहनों तथा ऑटो रिक्शा पर भी लागू होगी। जिले में न तो अब कोई रेलगाड़ी चल सकेगी और न ही व्यावसायिक उड़ानें आ सकेंगी। निजी वाहन भी जिले में केवल तभी चलेंगे यदि लोगों को आपात स्थिति में अस्पताल जाना है। हालांकि गुड्स कैरियर वाले वाहन जिले में इस दौरान चल सकेंगे।
लॉकडाउन के दौरान जिले में सभी दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, फैक्ट्रियां, वर्कशॉप और गोदाम इत्यादि बंद रहेंगे। हालांकि इस दौरान राशन, दूध, ब्रेड, फल, सब्जी, मीट, मछली तथा अन्य बिना पके भोजन की दुकानें और इन्हें लाने-ले जाने वाले वाहनों पर छूट रहेगी।
इसी तरह अस्पताल, दवाइयों की दुकानें, ऑप्टिकल स्टोर, दवा बनाने वाली इकाइयां, पेट्रोल पंप, रसोई गैस और उनके गोदाम, दवाई के लिए अल्कोहल बनाने वाली फैक्ट्रियां तथा अन्य आवश्यक सामान बनाने वाली इकाइयां भी खुली रहेंगी। हालांकि इस संबंध में जिला उपायुक्त का फैसला अंतिम होगा।
आदेशों के मुताबिक लॉकडाउन की अवधि में 9 मार्च के बाद विदेश से आने वाले लोगों को होम क्वारेंटाइन का कड़ाई से पालन करना होगा। इस अवधि में लोगों को पूरी तरह से घरों पर ही रहना होगा और केवल आवश्यक सामान खरीदने के लिए ही घर से बाहर आने की इजाजत होगी।
लॉक डाउन आदेशों में कहा गया है कि लॉक डाउन की अवधि में कानून व्यवस्था और मैजिस्ट्रियल ड्यूटी से जुड़े कार्यालय, पुलिस, सैन्य बल, अर्धसैनिक बल, स्वास्थ्य, कोषागार, स्थानीय शहरी निकाय और ग्रामीण विभाग, अग्निशमन, बिजली, पानी, नगर निगम सेवाएं, बैंक एटीएम, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया, टेलीकॉम, डाक सेवाएं और सप्लाई चेन से जुड़े कार्यालय प्रदेश सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार काम करेंगे और इन विभागों के सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं तथा केवल विशेष परिस्थितियों में ही संबंधित विभागों के कर्मचारियों व अधिकारियों को छुट्टी दी जाएगी।

गरीब मजदूरों पर पड़ेगा असर
शिमला (निस) : हिमाचल प्रदेश भारतीय मजदूर संघ व अराजपत्रित कर्मचारी संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर ने महामारी कोरोना से प्रदेश में कार्यरत गरीब मजदूरों पर असर पड़ने का अंदेशा जताया है। सुरेंद्र ठाकुर ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस विकट परिस्थिति में प्रदेश में मनरेगा एवं अन्य निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों, जिनका पंजीकरण निर्माण कामगार बोर्ड में हुआ हो, को इस महामारी से निपटने के लिए अंतरिम राहत के रूप में 5000 रुपये बोर्ड के खाते से तथा आईआरडीपी, बीपीएल सहित आर्थिक आधार पर गरीब परिवारों को सरकार द्वारा अपने खाते से दी जाये। सुरेंद्र ठाकुर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा अन्य क्षेत्रों के सफाई कर्मचारियों को विशेष बीमा कवर सरकारी स्तर पर उपलब्ध करवाने का भी आग्रह किया है। उन्होंने प्रबंधक वर्ग से प्रदेश के उद्योगों तथा निजी प्रतिष्ठानों में अस्थायी ठेका मजदूरों की दिहाड़ी न काटने तथा इस दौरान उनकी छंटनी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी अपील की।
कांगड़ा में जनता कर्फ्यू को भारी समर्थन
धर्मशाला (निस) : कांगड़ा जिले में जनता कर्फ्यू को भारी जन समर्थन मिला। धर्मशाला, मैक्लोडगंज तथा पालमपुर के बाजार तथा बस अड्डे सुनसान नजर आए। रविवार सायं लोगों ने आपातकालीन सेवाएं दे रहे कर्मचारियों का आभार प्रकट करने के लिए तालियां और घंटियां बजाईं। उधर, जिला कांगड़ा प्रशासन की ओर से लगाई गई धारा 144 के उल्लंघन पर शाहपुर में पहली एफआईआर दर्ज हुई है। एसएचओ शाहपुर ने यह कार्रवाई राजोल स्थित शराब के ठेके पर कार्यरत कर्मचारी पर की। राजोल में शराब का ठेका खुला पाया गया। दोनों पॉजिटिव मरीजों के घर के बाहर लगाए गए बोर्ड कांगड़ा के शाहपुर और लंज क्षेत्र के दोनों कोरोना वायरस पॉजिटिव रोगियों के घरों के बाहर जिला प्रशासन ने डू नॉट विजिट के बोर्ड लगा दिए हैं। इन बोर्डों में उक्त दाेनों रोगियों की पूरी जानकारी दी गई है। गौर हो कि शाहपुर की 63 वर्षीय एक महिला दुबई से घर लौटी थी जो कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई थी। वहीं महिला को आइसोलेशन में रखा गया है जबकि उसके पति को घर के बाहर जाने की इजाजत नहीं है।
लोगों ने घर से लड़ी कोरोना के खिलाफ लड़ाई
मंडी (निस) : सम्पूर्ण मंडी जिले में जनता कर्फ्यू का असर दिखा। शहर हों या गांव, हर चौक-चौराहे समेत विभिन्न मार्गों व गलियों पर सारा दिन सन्नाटा पसरा रहा। जिले में लोग अपने घरों ही में रहे और कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सहयोगी बने। वहीं शाम 5 बजे सारा वातावरण कृतज्ञता भरी मंगल ध्वनियों से गूंज उठा।
शिमला में लोगों ने की जबरदस्त पटाखेबाजी
भले ही हिमाचल में लोग कोरोना महामारी से खौफजदा हैं लेकिन ताली, थाली, घंटी और शंखनाद कार्यक्रम के बाद शिमला में लोगों ने जबरदस्त पटाखेबाजी भी की। इससे कुछ देर के लिए जश्न जैसा माहौल नजर आया।
संजीदा इंतजाम करे सरकार
शिमला (निस) : वामपंथी दल माकपा की हिमाचल प्रदेश इकाई ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं, खाद्य व अन्य आवश्यक वस्तुएं हर वर्ग को उपलब्ध करवाने के लिए संजीदा इंतजाम करे। पार्टी के राज्य सचिव मंडल सदस्य संजय चौहान ने कहा कि राज्य भर में मुफ्त टेस्ट व इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए।
कोरोना पर ऊना में मॉक ड्रिल
हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में कोरोना पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया जिसमें सभी डॉक्टर व अन्य स्टाफ शामिल हुए।

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