चंडीगढ़, 28 फरवरी (ट्रिन्यू)
प्रदेश के आईटीआई स्टूडेंट्स अब पढ़ाई के साथ-साथ कमाई भी कर सकेंगे। इन विद्यार्थियों को पढ़ाई करते-करते संस्थान ही नहीं, इसके बाहर भी प्रेक्टिकली काम करने का मौका मिलेगा। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग (आईटीआई) ने इसके लिए अपनी तरह की नई योजना शुरू की है। आईटीआई के स्नातक घर-घर जाकर उपकरणों को ठीक करने की सेवाएं दे सकेंगे।
विभाग इसके लिए एक मोबाइल एप तैयार करेगा। इस एप पर घरों में रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के पुख्ता प्रबंध होंगे। मसलन किसी को बिजली ठीक कराने के लिए इलेक्िट्रशियन की जरूरत है या प्लंबर चाहिए या फिर कारपेंटर की जरूरत है तो फोन पर घर बैठे ये सेवाएं उपलब्ध होंगी। मार्केट में मिलने वाली इन सुविधाओं से सस्ती सुविधा प्रदान की जाएगी। हार्डवेयर मरम्मत का काम भी आईटीआई ग्रेजुएट घर जाकर करेंगे।
इस योजना को शुरू करने के पीछे मुख्य मकसद यही है कि विद्यार्थियों का काम में हाथ साफ हो और वे पढ़ाई पूरी करने के बाद इसे रोजगार के रूप में अपना सकें। देश के कई बड़े शहरों में प्राइवेट कंपनियों द्वारा भी इस तरह की सुविधा शुरू की गई हैं। सीएम ने आईटीआई के बजट में भी 23.61 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए 2020-21 के लिए 847 करोड़ 97 लाख रुपये कर दिया है। प्रदेश सरकार ने उद्योगों के बीच प्रशिक्षण की दोहरी प्रणाली के लिए 71 बड़ी कंपनियों के साथ एमओयू साइन किया है। इन कंपनियों में छह माह से एक वर्ष तक के पाठ्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग आईटीआई की बजाय सीधे उद्योगों में ही होगी जो 3 से 6 महीने की अवधि के लिए होगी। इसका फायदा यह होगा कि प्राइवेट कंपनियों को उनकी डिमांड और पसंद के हिसाब का स्टॉफ उन्हें आईटीआई में पढ़ते-पढ़ते ही उपलब्ध होगा। अगले शैक्षणिक सत्र से 9वीं कक्षा में प्रवेश के लिए भी फीडर स्कूल शुरू होंगे।

बि्रटिश सरकार के साथ होगा एमओयू
पलवल में बनाए गए प्रदेश के पहले श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में नये कोर्स शुरू करने का फैसला लिया है। फिलहाल यह यूनिवर्सिटी 31 पाठ्यक्रमों में साथ शुरू हुई है और इसके लिए अभी तक 69 एमओयू किए गए हैं। अब सरकार ने नेशनल ओपन कॉलेज नेटवर्क के माध्यम से ब्रिटिश सरकार के इंटरनेशनल स्किल डिपार्टमेंट के साथ एमओयू करने का निर्णय लिया है। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

थ्री-डी पेंटिंग की मिलेगी ट्रेनिंग
इंस्टीट्यूट ऑफ इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की शुरुआत होगी। यह अपनी तरह का पहला इंस्टीट्यूट होगा जो विद्यार्थियों को आधुनिक तौर-तरीकों से मुखातिब कराएगा। यही नहीं, इस इंस्टीट्यूट के जरिये विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे स्वरोजगार को अपना सकें। इंस्टीट्यूट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डॉटा एनेलाइसिस, थ्री-डी प्रिंटिंग की ट्रेनिंग मिलेगी।

आईटीआई में भी बनेंगे पासपोर्ट
कॉलेजों व विश्वविद्यालयों की तर्ज पर सभी आईटीआई में विद्यार्थियों के लिए मुफ्त पासपोर्ट की सुविधा मिलेगी। सभी महिला आईटीआई में छात्राओं को अंग्रेजी माध्यम से प्रशिक्षण का विकल्प दिया जाएगा। यह योजना इसलिए शुरू की गई है ताकि आईटीआई विद्यार्थियों को पढ़ाई के बाद विदेश में रोजगार के अवसर मिल सकें।

24 नई आधुनिक आईटीआई भी खुलेंगी
सीएम ने बजट में राज्य में 24 माॅडर्न आईटीआई 2020-21 के दौरान स्थापित करने का ऐलान किया है। नई आईटीआई, पहले से चल रही आईटीआई से एकदम अलग होंगी। इनमें सौर ऊर्जा बैकअप होगा और नवीनतम उपकरण मुहैया करवाए जाएंगे। ट्रेंड स्टाफ नियुक्त होगा और इंटरनेट कनेक्शन के साथ सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

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