लुधियाना में शनिवार को चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल अंडरटेकिंग की ओर से केंद्रीय बजट पर चर्चा का आयोजन किया गया। -अश्विनी धीमान

चंडीगढ़, 1 फरवरी (ट्रिन्यू)
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से आज संसद में पेश किये गये बजट पर विभिन्न वर्गों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कुछ लोगों ने जहां बजट की सराहना करते हुए इसे धरातल पर उतारने के लिए भी सरकार से आग्रह किया किया है, वहीं कुछ लोगों ने बजट में मध्यम वर्ग की अनदेखी का आरोप लगाते हुए इसे निराशाजनक बताया है।
धर्मशाला (निस) : धर्मशाला में शिक्षा ग्रहण करने वाले हिमाचल के विभिन्न जिलों के छात्रों व प्रशिक्षु युवाओं ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि इस बजट से कर्मचारियों, मध्यमवर्ग , छात्रों और किसानों सहित करीब सभी वर्गों को लाभ मिलेगा। उनका कहना है कि इस बजट को अधिकारी व कर्मचारी और जनता स्वयं धरातल पर उतारने में मिलकर सहयोग करें तो सच में ही एक विकसित भारत का सपना साकार होगा।
हमीरपुर (निस) : भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र, खासकर किसानी और बागबानी के लिए अनेकों प्रोत्साहन देने वाली घोषणाएं हुई हैं। बजट में किसानों के लिए 16 सूत्रीय फॉर्मूले की घोषणा से ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिकी में क्रान्तिकारी परिवर्तन आएगा। हिमाचल जैसे राज्य के लिए और भी प्रसन्नता की बात है कि बागबानी को कृषि से भी ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है।
लुधियाना (निस) : स्थानीय कांग्रेस नेता परमिन्दर मेहता ने केंद्रीय बजट में टैक्स सिस्टम को नये और पुराने में बांंटने पर इसे जनता से छल बताते हुए कहा कि मोदी सरकार ने बजट में जहां अधिकतर आश्वशन दिये हैं वहीं रेलवे व अन्य सरकारी विभागों क निजीकरण को बढ़ावा देने के सकेत दिए हैं। मेहता ने वित्तमंत्री के देश की जीडीपी ग्रोथ 10 प्रतिशत बढ़ने के दावे को मौजूदा बजट के हिसाब से मात्र सपना बताया। उन्होंने एलआईसी में सरकारी हिस्से को बेचने पर गहरी चिंता प्रकट करते हुए कहा कि सरकार आम आदमी के भविष्य को भी अंधकार में धकेलने की तैयारी में लगी है। उन्होंने बजट को मजदूर, गरीब, मध्यवर्ग, किसान तथा युवाओं के लिए निराशाजनक, कोरे आश्वाशन व जुमलों वाला बताते हुए कहा कि इसमें मंहगाई,मंदी व बेरोज़गारी से निकलने के लिए कुछ नहीं किया गया।
शिमला (निस) : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने आज प्रस्तुत केंद्रीय बजट पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि बजट में कुछ भी नया नहीं है। महज आंकड़ों को दर्शाते हुए बजट में केवल निजीकरण को प्रोत्साहन देने और सरकारी उपक्रमों को निजी हाथों में देने के स्पष्ट संकेत हैं। राठौर ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के सुधार के कोई कारगर उपाय बजट में नही है। रोजगार पर बजट ख़ामोश है। देश में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले कैसे एकाएक ऊपर हो गय, यह समझ से परे है।

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