नयी दिल्ली, 4 फरवरी (ट्रिन्यू/एजेंसी)

दिल्ली में मंगलवार को आप का घोषणापत्र जारी करते मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (बीच में), डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और मंत्री गोपाल राय। -प्रेट्र

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया। इसमें राष्ट्रीय राजधानी में बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ जल और 24 घंटे बिजली जैसे वादे किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ‘28 बिंदुओं वाला गारंटी कार्ड’ नामक घोषणापत्र जारी किया। घोषणापत्र में जनलोकपाल और स्वराज बिल लाने के साथ ही दिल्ली सरकार के स्कूलों में देशभक्ति पाठ्यक्रम भी शुरू करने का वादा किया है।
इनके अलावा घर पर राशन पहुंचाने, 10 लाख वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त तीर्थयात्रा कराने और ड्यूटी के दौरान किसी भी सफाई कर्मचारी की मौत हो जाए तो उसके परिवार वालों को एक करोड़ रुपए मुआवजा देने का वादा किया गया है। घोषणापत्र में प्रायोगिक तौर पर 24 घंटे बाजार खोलने की योजना को अनुमति देने की बात भी कही गई है। घोषणापत्र में प्रदूषण स्तर एक तिहाई पर लाने, साफ-सुथरी यमुना के लिए काम करने, सीसीटीवी, स्ट्रीट लाइट और महिला मार्शल तैनात करने, कच्ची कॉलोनियों को पक्का करने जैसी गारंटी का वादा किया है।
इस बीच, मुख्यमंत्री एवं आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भाजपा को बुधवार अपराह्न एक बजे तक मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा करने की चुनौती दी और कहा कि वह उसके साथ सार्वजनिक तौर पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। केजरीवाल ने कहा कि अगर भाजपा ऐसा नहीं करती है तो वह अगले कदम की घोषणा करने के लिए प्रेस से मुलाकात करेंगे। पार्टी के घोषणापत्र जारी होने के बाद केजरीवाल ने संवाददताओं से कहा, ‘दिल्लीवासी चाहते हैं कि भाजपा अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा करे और मैं उसके साथ चर्चा के लिए तैयार हूं।’ केजरीवाल विभिन्न इलाकों में लगातार रोड शो भी कर रहे हैं।

नयी दिल्ली में मंगलवार को एक रैली में भाजपा के लिए प्रचार करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। – प्रेट्र

विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी भाजपा के लिए प्रचार में उतरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्तारूढ़ आप पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि दिल्ली को दोष देने वाली नहीं, दिशा देने वाली सरकार चाहिए। मोदी ने यहां द्वारका में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने पिछले 5 वर्षों में केंद्र सरकार की कई योजनाओं को लागू करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों ने देखा है कि आप सरकार कैसे घृणा की राजनीति करती है।
मोदी ने कहा कि दिल्ली के लोग कहते हैं कि देश बदल गया है, अब दिल्ली बदलने का समय है। पीएम ने कहा, ‘दिल्ली को ऐसी सरकार की जरूरत नहीं है जो दुश्मनों को हम पर हमला करने का मौका दे।’ मंगलवार को प्रधानमंत्री ने दिल्ली में दो अलग-अलग रैलियां की। उन्होंने कहा, ‘विकास की राह में रोड़ा अटकाने वाला नहीं, सबका साथ-सबका विकास पर विश्वास करने वाला नेतृत्व चाहिए।’ उन्होंने लोगों से कहा कि बाटला हाउस से लेकर सर्जिकल और एयर स्ट्राइक जैसे फैसलों पर उंगली उठाने वालों को 8 फरवरी को सजा मिलनी चाहिए। मोदी ने कहा कि उन्होंने भी दिल्ली की रोटी व नमक खाया है, इसलिए दिल्ली के लिए कुछ करके दिखाएंगे। मोदी राष्ट्रवाद के मुद्दे पर जमकर बोले। मोदी ने केजरीवाल के पुराने बयानों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि दिल्ली को ऐसी राजनीति नहीं चाहिए जो आतंकी हमले के समय देश का पक्ष कमजोर करे, जो अपने बयानों से दुश्मन को भारत पर वार करने का मौका दे।

240 सांसद उतरेंगे मैदान में : मोदी ने केजरीवाल सरकार पर विकास की राह में रोड़ा अटकाने का आरोप लगाया। इस बीच, बताया गया कि भाजपा ने अपने 240 सांसदों को घनी आबादी वाली कालोनियों में प्रचार में जुट जाने का निर्देश दिया है। पार्टी सूत्रों ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को संसदीय दल की बैठक में यह घोषणा की।

एक चुनावी रैली में पार्टी प्रत्याशी पूनम आजाद (बाएं) के प्रचार में पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी। – मानस रंजन भुई

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर मंगलवार को हमला करते हुए कहा कि उनकी दिलचस्पी नौजवानों को नौकरी देने में नहीं है। इसके उलट वे सत्ता में रहने के लिए एक भारतीय को दूसरे भारतीय से लड़ाना चाहते हैं। भाजपा और आप को निशाने पर लेते हुए राहुल ने कहा कि दोनों का मकसद समाज में नफरत फैलाना है। दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले अपनी पहली रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आर्थिक मंदी और बेरोज़गारी के मुद्दे से नहीं निपटने के लिए भाजपा को आड़े हाथों लिया।
उधर, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोगों की नौकरियां चले जाने को लेकर पीएम मोदी को कठघरे में खड़ा किया और शाहीन बाग पर उनकी ‘संयोग-प्रयोग’ टिप्पणी पर यह कहते हुए निशाना साधा कि बेरोजगारी क्या महज संयोग है या उनका प्रयोग है? गौर हो कि सोमवार को एक रैली में प्रधानमंत्री ने कहा था कि सीलमपुर, जामिया नगर और शाहीन बाग में सीएए विरोधी प्रदर्शन महज संयोग नहीं हैं बल्कि एक प्रयोग और राजनीतिक षड्यंत्र हैं ताकि देश के सौहार्द को नुकसान पहुंचाया जा सके। प्रधानमंत्री को निशाने पर लेते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि हाल की एक रिपोर्ट कहती है कि पिछले पांच सालों में सात महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साढ़े तीन करोड़ नौकरियां चली गयीं। उन्होंने संगम विहार में अपने भाई राहुल गांधी के साथ संयुक्त रैली में कहा, ‘जब प्रधानमंत्री आपके सामने भाषण देने आते हैं तो वह इसका जिक्र तक नहीं करते। क्या वह हमें बता सकते हैं कि नौकरियों का जाना महज संयोग है या प्रयोग? क्या वह बता सकते हैं कि 35 सालों में बेरोजगारी दर सबसे अधिक ऊंचाई पर क्यों पहुंच गयी है?’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री प्रचार में करोड़ों रुपये लगाते हैं, केजरीवाल उनसे कोई ज्यादा पीछे नहीं हैं, तो सवाल उठता है कि यदि काम बोल रहा है तो प्रचार की जरूरत क्या है?

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