अब दल-बल के साथ टिड्डी-दल
तिरछी नज़र
सहीराम
कल तक डर यह था कि मंदी आ रही है, हालांकि यह कई साल से आयी हुई है और जा नहीं रही है, बस मान लिया जाता है कि चली गयी है। फिर पता चलता है कि वह बिन बुलाये मेहमान की तरह फिर आ धमकी है। सरकार कहती है कि झूठ है, अफवाह है और अर्थशास्त्री कहते हैं कि नहीं वह सच्ची आ रही है। ऐसा लगता है जैसे सरकार आजकल मंदी और महंगाई से जूझने की बजाय झूठों और अफवाहों से ही ज्यादा जूझ रही है। खैर, कल तक यह डर था कि मंदी आ रही है। फिर पता चला कि महंगाई आ रही है। सरकार ने खैर, इसे भी नहीं माना, पर सब्जी-भाजी खरीदने जाने वाली गृहणियां तक जानती हैं कि वह आ चुकी है। बस फर्क यह है कि सरकार अपनी बात मनवा लेती है, पर महंगाई से त्रस्त लोग अपनी बात नहीं मनवा पाते। वैसे वे खुद मान लें यह भी काफी है। क्योंकि जिस तरह से लोग महंगाई पर बात करने से बचते हैं, उससे लगता है कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि वे खुद न मान रहे हों कि महंगाई आ रही है। पर अब खबर यह है कि टिड्डी दल आ रहे हैं। कल तक यह पाकिस्तान में थे, फसलों को खा रहे थे, तबाह कर रहे थे तो हम वैसे ही खुश थे जैसे उनके यहां महंगाई हो तो हम खुश होते हैं, उनकी अर्थव्यवस्था गर्त में जा रही हो तो हम खुश होते हैं और उनके यहां फौज सरकार की खिंचाई कर रही हो तो हम खुश होते हैं।
पर अब यह टिड्डी दल हमारे यहां भी आ रहे हैं। पता चला है कि राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में देखे गए हैं और पंजाब सरकार केंद्र को एप्रोच करने में लगी है। यह कुछ-कुछ वैसे ही जैसे पाकिस्तान में जलायी जाने वाली पराली का धुआं हमारे यहां आ जाता है। जैसे पाकिस्तान में उठने वाला धूल का बवंडर हमारे यहां आ जाता है। वैसे सरकार अगर चाहे तो वह पाकिस्तान पर यह एक और आरोप लगा सकती है कि जैसे वह आतंकवादी भेजता है, वैसे ही वह अब टिड्डी दल भेज रहा है। वैसे आरोप लगाने वालों ने तो यह आरोप भी लगा दिया था कि पाकिस्तान में पराली इसीलिए जलायी जाती है कि ताकि दिल्ली का सांस घुट जाए। हम यह कतई नहीं देखते कि भैया पराली के धुएं और धूल के बवंडर की तरह ही टिड्डी दल भी सीमा नहीं देखते, सीमा पर खड़ी फौज नहीं देखते, कांटेदार बाड़ नहीं देखते। अब कारोना वायरस फैला तो चीन में ही है, पर डरे हुए तो हम भी हैं न। पड़ोसी के घर में आग लगती है तो उसकी लपटें हमारे घर तक पहुंचने का अंदेशा हमेशा ही रहता है। इसलिए पाकिस्तान पर परमाणु बम फोड़ने के लिए उतावली में रहने वाले लोगों को यह याद दिलाते रहना चाहिए कि भैया और कुछ नहीं तो उसका विकिरण तो यहां तक भी आएगा ही न।
The post अब दल-बल के साथ टिड्डी-दल appeared first on दैनिक ट्रिब्यून.
from दैनिक ट्रिब्यून https://ift.tt/37PpIiC
via Latest News in Hindi
0 Comments