नयी दिल्ली, 4 जनवरी (एजेंसी)
भारत को 5 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने, अधिक रोजगार पैदा करने और वृद्धि के बेहतर अवसर के लिये बौद्धिक संपदा (आईपी) अधिकारों के क्षेत्र में मजबूत पारिस्थितिकी तैयार करने की जरूरत है। इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड का ऐसा मानना है। इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि वह आईटैग बिजनेस सॉल्यूशंस लिमिटेड के साथ मिलकर यहां आठ से 10 जनवरी तक वैश्विक आईपी संगोष्ठी के 12वें संस्करण का आयोजन करने वाला है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इसका उद्घाटन करेंगी। सम्मेलन में 25 देशों के 500 से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है। समापन सत्र में पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु मुख्य अतिथि होंगे। संस्था ने जारी बयान में कहा गया है कि आज के समय में किसी भी देश के आर्थिक विकास में बौद्धिक संपदा बड़ी भूमिका निभा रही है।

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