पेशेवर कैदियों से अलग रखे जाएंगे सामान्य कैदी
चंडीगढ़, 20 जनवरी (ट्रिन्यू)
हरियाणा की जेलों में बंद हार्डकोर यानी संगीन मामलों के अपराधियों को सामान्य कैदियों व बंदियों से अलग रखा जाएगा। जेल विभाग इसके लिये विस्तृत योजना बना रहा है। प्रदेश के जेल मंत्री रणजीत सिंह ने जेलों में सुधार के लिए 23 को चंडीगढ़ में जेल विभाग के अधिकारियों को तलब किया है। डीजीपी जेल के. सेल्वराज व आईजी जगजीत सिंह के अलावा 19 जेल अधीक्षकों को बुलाया है।
बैठक में कैदियों की सुविधाओं में बढ़ोतरी करने के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा में फिर से वापस लाने की रणनीति पर भी मंथन होगा। जेल मंत्री का कहना है कि जो लोग आदतन अपराधी हैं या फिर प्रोफेशनल क्रिमिनल हैं, उन्हें सुधारने में काफी वक्त लगेगा। इस तरह के कैदियों के साथ छोटे अपराध और घरेलू कलह आदि से जुड़े मामलों के कैदियों व बंदियों को रखने से उनका आचरण भी खराब होने की आशंका रहती है। इसलिए जेल विभाग तय करेगा कि संगीन मामलों के कैदियों व बंदियों को अलग बैरक में रखा जाए। ऐसी बैरक में सामान्य श्रेणियों की एंट्री न हो। यही नहीं, जेल कैम्पस के अंदर भी जेल प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि हार्डकोर अपराधियों और सामान्य कैदियों के बीच बहुत अधिक तालमेल न हो।
जेल मंत्री ने कहा कि अगर कानून में प्रावधान हुआ तो सामान्य कैदियों को अपने परिवार के सदस्यों के साथ टेलीफोन पर बातचीत की समय अवधि में भी बढ़ोतरी की जा सकती है।
एनजीओ से संपर्क
जेल मंत्री ने कहा कि जेलों में बंद कैदियों व बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिये कई तरह की मुहिम शुरू होंगी। सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं का भी इसमें सहयोग लिया जाएगा। वर्तमान में भी प्रदेश के कई एनजीओ जेलों में सुधार के लिए काम कर रहे हैं। इसी तरह से जेलों में बंद महिलाओं के लिये भी विशेष कार्यक्रम शुरू होगा। कई जेलों में पहले से ही महिलाओं को विभिन्न प्रकार के काम में लगाया गया है। मसाला पैकिंग, बुनाई, सिलाई जैसे दूसरे और भी काम जेलों में शुरू होंगे।
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