नयी दिल्ली में सोमवार को इंडिया गेट पर पार्टी नेताओं के साथ धरने पर बैठीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा। -मुकेश अग्रवाल

ट्रिब्यून न्यूज सर्विस
नयी दिल्ली, 16 दिसंबर
संशोधित नागरिकता कानून को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद राजनीति तेज हो गई है। सोमवार को कांग्रेस, वामदलों समेत कई विपक्षी दलों ने जामिया मिलिया में पुलिस के लाठीचार्ज मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। इन दलों के नेता मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मिलेंगे। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बयान जारी कर मोदी सरकार पर तीखा हमला किया। वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा के नेतृत्व में पार्टी नेता व कार्यकर्ताओं ने इंडिया गेट पर धरना दिया। अहमद पटेल, एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद और रणदीप सिंह सुरजेवाला समेत कांग्रेस के कई नेता व कार्यकर्ता भी प्रियंका के साथ धरने पर बैठे।
विपक्षी नेताओं ने प्रेस काॅन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर देश को धार्मिक खेमे में बांटने का आरोप लगाया। कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, माकपा के सीतराम येचुरी, भाकपा के डी. राजा, सपा के जावेद अली, आरजेडी के मनोज झा ने साझा प्रेस काॅन्फ्रेंस में जामिया मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि वे इस कानून को रद्द कराने तक आंदोलन करेंगे। वामदलों ने इस मामले में 19 दिसंबर को देशव्यापी विरोध का ऐलान किया है। गुलाम नबी ने कहा कि इस वक्त देशभर में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ऐसा कोई राज्य नहीं बचा जहां विरोध न हो रहा हो। यह सब मोदी और शाह के कारण हो रहा है।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने व सावधान रहने का आग्रह किया। जामिया इलाके में हुई हिंसा के बाद फैल रही अफवाहों और आरापों पर पुलिस को प्रेस काॅन्फ्रेंस कर सफाई देनी पड़ी। पुलिस प्रवक्ता एमएस रंधावा कहा कि पुलिस की तरफ से कोई गोली नहीं चली, न ही किसी की हिंसा की वजह से जान गई है। रविवार को हिरासत में लिए गये जामिया मिलिया के छात्रों को सोमवार सुबह रिहा कर दिया गया। इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय पर छात्रों ने धरना खत्म कर दिया।
गृह मंत्रालय की राज्यों को एडवाइजरी : केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हिंसक प्रदर्शनों के मद्देनजर सभी राज्यों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें राज्यों से विरोध प्रदर्शनों को हिंसक प्रदर्शन में बदलने से रोकने के लिए कड़े उपाय करने को कहा गया है। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नागरिकता कानून का मतलब यह नहीं है कि सभी को खुद ही नागरिकता मिल जाएगी। नियम बनाए जा रहे हैं, उनके तहत ही नागरिकता मिल पाएगी।

लोगों को गुमराह कर रहा विपक्ष : भाजपा
भाजपा ने हिंसक प्रदर्शनों के लिए कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया। पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की शनिवार को रीलॉन्चिंग के लिए रैली हुई थी और अगले ही दिन हिंसा भड़क गई। कांग्रेस समेत विपक्षी दल छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर हित साध रहे हैं।

‘सरकार का काम शांति-सौहार्द बनाना, कानून का शासन चलाना और संविधान की रक्षा करना है, लेकिन भाजपा सरकार ने देश और देशवासियों पर हमला बोल दिया है। अमित शाह पूर्वोत्तर जाने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे हैं।’
-सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

कोलकाता में सोमवार को एनआरसी और नये नागरिकता कानून के खिलाफ मार्च की अगुवाई करतीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी। -रॉ

भाजपा ने पैसे देकर भड़काई हिंसा : ममता
कोलकाता (एजेंसी) : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को एक रैली में कहा कि राज्य में हिंसा भड़काने के लिए भाजपा ने कुछ लोगों को पैसा दिया है। ममता ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा, ‘राज्य से बाहर की कुछ ताकतें, जो अल्पसंख्यकों का मित्र होने का दिखावा कर रही हैं, वे हिंसा में शामिल हैं। ये ताकतें भाजपा के हाथों की कठपुतली हैं। जब तक मैं जिंदा हूं, एनआरसी और नागरिकता कानून कभी लागू नहीं करूंगी।’

‘संशोधित नागरिकता कानून पर हिंसक प्रदर्शन दुर्भाग्यपूर्ण एवं बेहद निराशाजनक हैं। चर्चा, परिचर्चा और मतभेद लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन सामान्य जीवन को अस्तव्यस्त करना और सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाना कभी भी हमारे लोकाचार का हिस्सा नहीं रहा। संशोधित कानून किसी भी धर्म के भारतीय नागरिक को प्रभावित नहीं करता। किसी भी भारतीय को इस कानून को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है।’
-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

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