बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात में खास सुधार नहीं
चंडीगढ़/शिमला , 21 अगस्त (एजेंसी)
जालंधर के शाहकोट इलाके में बुधवार को खाने के पैकेट गिराता सेना का एक हेलीकाप्टर। -सर्बजीत सिंह
पंजाब तथा हिमाचल प्रदेश में बुधवार को लगातार दूसरे दिन अधिकांश स्थानों पर धूप खिलने से पिछले कई दिन से बारिश से परेशान लोगों को काफी राहत मिली लेकिन पंजाब के कई इलाकों में जहां पानी भरा होने के कारण बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो पाया है। हिमाचल प्रदेश में भी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है और कई सड़कों पर यातायात बहाल भी कर दिया गया है लेकिन फिर भी अधिकतर प्रभावित सड़कें अभी बंद होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कें बंद होने से बागवानों को भी सेब मंडियों में पहुंचाने के लिए मुश्किलें पेश आ रही हैं।
इस बीच, सेना के हेलीकॉप्टरों ने बुधवार को पंजाब के जालंधर जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों में भोजन के पैकेट गिराकर लोगों को राहत पहंचाने का प्रयास किया।
हाल ही में हुई बारिश और भाखड़ा बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद सतलुज नदी और उसकी सहायक नदियों में उफान के चलते राज्य के लुधियाना, जालंधर, फिरोजपुर और रूपनगर के कई गांवों में बाढ़ आ गई। बाढ़ से निचले इलाकों में फसलों और घरों को नुकसान पहुंचा है।
बाढ़ प्रभावित ग्रामीण टायर ट्यूब पर रखी लकड़ी की शाफ्ट पर जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थल की ओर जाते हुए। -सर्बजीत सिंह
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार परांठे के 36,000 पैकेट, सूखे राशन के 18,000 पैकेट और पानी की बोतलों को बुधवार सुबह जालंधर छावनी ले जाया गया। उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की देखरेख में इसे सेना के छह हेलीकॉप्टरों में लोड किया गया। बाद में सेना के हेलीकॉप्टरों ने चक बडाला, जनिया, जनिया चहल, मेहराजवाला, गट्टा मुंडी कासु, मुंडी कासू, मुंडी शेहरिया, मुंडी चोहलियां, कांग खुर्द, जलालपुर, थेह खुशहालगढ़, गत्ती रायपुर, कोठा, फतेहपुर भगवान समेत शाहकोट उप-मंडल के बुरी तरह प्रभावित कई गांवों में खाद्य सामग्री के पैकेट गिराए। अधिकारियों ने कहा कि हालात सामान्य होने तक सेना की मदद से प्रभावित गांवों में खाने के पैकेटों को पहुंचाने का काम जारी रहेगा।
पंजाब में 40 साल में सबसे भीषण बाढ़
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने पंजाब में हालिया दिनों में बारिश के कारण पैदा हुए हालात से निपटने के लिए बेहद पेशेवर तरीके से कदम उठाए। बीबीएमबी के अध्यक्ष डी के शर्मा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, ‘बीबीएमबी नियंत्रित तरीके से पानी छोड़कर पिछले 40 साल के दौरान आयी सबसे भीषण बाढ़ से निपटने में कामयाब रहा। बेहद पेशेवर तरीके से हालात पर नियंत्रण पाया गया।’ बीबीएमबी अध्यक्ष ने कहा कि जलग्रहण क्षेत्र में 17 और 18 अगस्त की दरम्यानी रात भारी बारिश से भाखड़ा बांध में 3.11 लाख क्यूसेक पानी आ गया और 1988 की बाढ़ के समय से ज्यादा पानी आ गया था। उल्लेखनीय है कि पंजाब को 1988 में सबसे भीषण बाढ़ का सामना करना पड़ा था । बांध की सुरक्षा के मद्देनजर बीबीएमबी ने बांध से नियंत्रित तरीके से पानी को छोड़ा। उन्होंने कहा कि भाखड़ा बांध में पानी का प्रवाह घटने के बाद द्वार से अतिरिक्त पानी के निकास को घटाया जाएगा। बुधवार को भाखड़ा बांध का जलस्तर 1679.50 फुट पर रिकार्ड किया गया।
The post बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात में खास सुधार नहीं appeared first on दैनिक ट्रिब्यून.
from दैनिक ट्रिब्यून https://ift.tt/2Zk1dox
via Latest News in Hindi
0 Comments