प्रसिद्ध भारतीय हस्तियाँ जिनके नाम पर जारी हुए डाक टिकट

दुनिया की जानी मानी हस्तियाँ जिनके नाम पर जारी किये गए थे डाक टिकट|आइए जानते है उन महान हस्तियों के बारे में :-
डॉ. डी.के कर्वे (महर्षि कर्वे)
योगदान: वह महिलाओं के कल्याण के क्षेत्र में भारत में एक सामाजिक सुधारक थे जिन्होंने महिला शिक्षा को बढ़ावा देने में महात्मा फुले और सावित्रीबाई फुले के अग्रणी काम को जारी रखा था।
सम्मान: उन्हें 1958 में भारत रत्न मिला और ऐसे पहले भारतीय हैं जिनके जीवनकाल में ही उन पर डाक टिकट जारी किया गया था।
डॉ. एम. विस्वेसरैया
योगदान: वह एक प्रख्यात भारतीय इंजीनियर के रूप में जाने जाते हैं और मंड्या जिले में कृष्णा राज सागर बांध के निर्माण के साथ-साथ हैदराबाद शहर के लिए बाढ़ संरक्षण प्रणाली के प्रमुख डिजाइनरों में से एक थे।
सम्मान: उन्हें 1955 में भारत रत्न तथा 1915 में ब्रिटेन ने नाइटहुड की उपाधि से नवाजा था। इनके सम्मान में औद्योगिक और तकनीकी संग्रहालय, बैंगलोर का नाम बदलकर विश्वेश्वराय औद्योगिक और तकनीकी संग्रहालय रख दिया। वह ऐसे दुसरे भारतीय हैं जिनके जीवनकाल में ही उन पर डाक टिकट जारी किया गया था।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद
योगदान: वह स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति थे और भारत गणराज्य को सही आकार देने वाले राजनितिक वास्तुकारो में से एक थे।
सम्मान: उन्हें 1962 में भारत रत्न प्रदान किया गया था और ऐसे तीसरे भारतीय हैं जिनके जीवनकाल में ही उन पर डाक टिकट जारी किया गया था।
डॉ. एस. राधाकृष्णन
योगदान: वह एक भारतीय दार्शनिक और राजनेता थे। भारत के पहले उपराष्ट्रपति और भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे।
सम्मान: उन्हें 1932 में नाइटहुड, 1954 में भारत रत्न, और 1963 में ब्रिटिश रॉयल ऑर्डर ऑफ मेरिट से नवाजा गया था। वह ऐसे चौथे भारतीय हैं जिनके जीवनकाल में ही उन पर डाक टिकट जारी किया ।
वी वी गिरि
योगदान: वह भारत के चौथे तथा स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुने गयेत् राष्ट्रपति हैं। वह भारत के व्यापार संघ आंदोलन में अग्रणी थे और उनके अथक प्रयासों के कारण ही श्रम बल मांग और उनके अधिकारों का अधिग्रहण हो सका।
सम्मान: उन्हें 1975 में भारत रत्न का पुरस्कार मिला और वह ऐसे पाचवे भारतीय हैं जिनके जीवनकाल में ही उन पर डाक टिकट जारी किया गया था। 1995 में इनके के सम्मान में राष्ट्रीय श्रम संस्थान का नाम बदलकर वी वी गिरि राष्ट्रीय श्रम संस्थान रखा गया था।
राजीव गाँधी
योगदान: वह भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री थे।
सम्मान: उन्हें 1991 में भारत रत्न मिला|वह छट्ठे भारतीय हैं जिनके जीवनकाल में उन पर डाक टिकट जारी किया गया ।
मदर टेरेसा
योगदान: वह एक रोमन कैथोलिक Nun थी जिन्होंने दुनिया भर के गरीब और निराश्रित की सेवा करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था|
सम्मान: उन्हें 1962 में पद्मश्री और 1980 में भारत रत्न से सम्मानित। भारत सरकार ने 28 अगस्त, 2010 को उनके नाम पर 5 रूपए का विशेष सिक्का जारी किया था। वह ऐसी सातवीं भारतीय हैं जिनके जीवनकाल में ही उन पर डाक टिकट जारी किया गया था।
सचिन तेंडुलकर
योगदान: उन्हें सर्वकालिक महानतम बल्लेबाज माना जाता है| उनके नाम एकदिवसीय और टेस्ट क्रिकेट दोनों में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड है। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों में 100 शतक बनाने वाले एकमात्र खिलाड़ी और एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में दोहरा शतक बनाने वाले वह पहले खिलाड़ी थे। इसके अलावा वह एकमात्र खिलाड़ी हैं जिनके नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 30,000 से अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड है।
सम्मान: उन्हें 1994 में अर्जुन पुरस्कार, 1997 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार, 1999 में पद्मश्री, 2008 में पद्म विभूषण पुरस्कार, और 16 नवंबर 2013 को भारत रत्न प्रदान किया गया था। वह ऐसे आठवें भारतीय हैं जिनके जीवनकाल में ही उन पर डाक टिकट जारी किया गया है।
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