अक्सर लोग अपने साथ सेनिटाइजर कैरी करते हैं और खाना खाने से पहले व बाद में सेनिटाइजर का इस्तेमाल करते हैं। यहां तक कि कुछ लोग तो कुछ भी छूने के बाद हाथ में कीटाणु ना बैठ जाएं इसलिए ’सेनिटाइजर’ का इस्तेमाल करते हैं। अमूमन माना जाता है कि कीटाणुओं से बचने के लिए सेनिटाइजर का इस्तेमाल करना अच्छा रहता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जरूरत से ज्यादा सेनिटाइजर का इस्तेमाल सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में-

सेनिटाइजर में एक ट्राइक्लोसान नाम के केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। इस केमिकल का अधिक प्रयोग सेहत के लिए अच्छा नहीं होता। जो लोग ज्यादातर सेनिटाइजर का प्रयोग करते हैं, यह केमिकल त्वचा के सपंर्क के आने में बाद खून में मिल जाता है। रक्त में मिलने के बाद ये मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाते हैं।

वहीं सेनिटाइजर में बेंजाल्कोनियम क्लोराइड भी पाया जाता है, यह भी स्किन के लिए काफी नुकसानदायक होता है। इससे त्वचा में जलन और खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

बहुत सी कंपनियां सेनिटाइजर को खुशबूदार बनाने के लिए फैथलेट्स नामक केमिकल का इस्तेमाल करती है। अगर सेनिटाइजर में इस केमिकल की मात्रा अधिक हो तो इससे लीवर, किडनी, फेंफड़ों और प्रजनन तंत्र को नुकसान पहुंचता है।



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