डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम उपकरण कंपनी हुवावे (Huawei) पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगा दिया है। यूनाइटेड स्टेट के वाणिज्य विभाग ने हुवावे को एनटिटी लिस्ट (ब्लैक लिस्ट) में डालने की सूचना दी है। इस लिस्ट में कंपनियों का नाम शामिल होने के बाद उन्हें अमेरिका में पुर्जे और तकनीक खरीदने के लिए सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है।  यूएस के वाणिज्य सचिव विल्बर रॉस ने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप देश की तकनीक और सुरक्षा नीतियों पर सेंधमारी नहीं चाहते हैं। ट्रंप प्रशासन द्वारा दिए गए आदेश के मुताबिक जिन कंपनियों के उपकरणों से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो, उन्हें इस्तेमाल करने की इजाजत किसी को नहीं होगी, हालांकि आदेश में किसी कंपनी या देश का नाम स्पष्ट तौर पर दर्ज नहीं किया गया है।  दरअसल, हुवावे के उपकरणों को अमेरिका जासूसी के लिहाज से खतरनाक बताता आया है, उसने उन देशों से भी हुवावे की 5जी टेक्नालॉजी का बायकॉट करने को कह था, जिनसे अमेरिका के अच्छे संबंध हैं, हालांकि हुवावे ने अमेरिका के आरोपों से इनकार करते हुए बातचीत के जरिए समस्या हल करने की बात कही थी।  चीनी कंपनी हुवावे पर प्रतिबंध लगाने से अमेरिका और चीन के बीच आर्थिक युद्ध और तेज होने के कयास लगाए जा रहे हैं। बता दें कि कुछ समय पहले अमेरिका ने चीन के उत्पादों पर 200 बिलियन डॉलर का टैक्स लगाया था। इसके विरोध में चीन ने भी  अमेरिका के 5 हजार 140 उत्पादों पर 1 जून से टैरिफ लगा दिया था।  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी थी धमकी चीन ने ये अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीट के एक घंटे बाद ही यूएस पर टैक्स लगाया था। ट्रंप ने अपने ट्वीट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को मेंशन करते हुए लिखा था,' मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग और मेरे चाइनीज दोस्तों से कहना चाहता हूं कि अगर आप कोई डील नहीं करते हो तो चीन के लिए ये बुरा साबित हो सकता है। अमेरिकी कंपनियां चीन से अपना बिजनेस शिफ्ट करना चाह रही हैं, क्योंकि चीन उन्हें महंगा पड़ रहा है। आपके पास एक अच्छा विकल्प है, जो लगभग पूरा हो चुका है। इसके बाद सब कुछ पहले जैसा हो जाएगा।

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