कमाचखेड़ा स्कूल में बवाल
दलेर सिंह/हप्र
जुलाना/जींद, 21 मई
जुलाना क्षेत्र के गांव कमाचखेड़ा में मंगलवार को स्कूल विवाद को लेकर ग्रामीणों को समझाते शिक्षा अधिकारी।
-हप्र
कभी सौंंदर्यीकरण में प्रथम स्थान पाकर सुर्खियां बटोरने वाला कमाचखेड़ा का राजकीय स्कूल आजकल विवादों के घेरे में है। शिक्षा के स्तर में सुधार को लेकर ग्रामीणों और अध्यापकों ने एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने शुरू कर दिए, जिससे स्कूल में बच्चों की संख्या पर सीधा असर पड़ा और स्कूल में बच्चों की संख्या हर रोज कम हो रही थी। इसी को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल में पहुंचकर जमकर बवाल काटा।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में कार्यरत अध्यापक बच्चों से स्कूल में हुक्का भरवाता है और विरोध करने पहुंचे अभिभावकों से दुर्व्यवहार करता है। मंगलवार को गांव की चौपाल में ग्रामीणों द्वारा पंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें पंचायत ने अध्यापकों के तबादले का प्रस्ताव पास किया। उसके बाद सभी ग्रामीणों ने स्कूल में पहुंचकर जमकर बवाल काटा। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में मौजूद अध्यापक बच्चों से हुक्का भरवाता है और जब अभिभावक स्कूल में जाते हैं तो उनसे भी अभद्र व्यवहार करता है। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में बच्चों की संख्या 105 थी, लेकिन अध्यापकों के रवैये के कारण अभिभावकों ने बच्चों का दाखिला या तो निजी स्कूलों में करवा दिया या फिर दूसरे गांवों के सरकारी स्कूलों में करवा दिया। जिला शिक्षा अधिकारी ने 4 अध्यापकों का तबादला करना पड़ा। डीईओ द्वारा उनकी जगह अन्य अध्यापकों की नियुक्ति के आश्वासन के बाद ही ग्रामीण सहमत हुए।
लगातार 10 दिनों से हर रोज स्कूल में बच्चों की संख्या कम हो रही थी। 10 दिन में बच्चों की संख्या घटकर मात्र 89 रह गई है। सूचना पाकर जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण अध्यापकों के तबादले की मांग पर अड़ गए।
पंचायत ने की शिक्षक की शिकायत
गन्नौर (निस) : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गढ़ी झंझारा में रिजल्ट खराब होने के पीछे कुछ शिक्षकों द्वारा पार्टीबाजी करने व व्यवस्था को खराब करने का कारण नजर आ रहा है। गढ़ी झंझारा की सरपंच प्रियंका छौक्कर ने बताया कि पंचायत ने 8 अप्रैल को शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी गन्नौर को की। खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल का निरीक्षण किया, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं की गई तो पंचायत ने शिक्षक की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी को दी। उधर, शिक्षक से इस बारे में संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उनसे संपर्क नही हो पाया।
सरपंच ने कहा कि यदि सही तरीके से शिक्षक पढ़ाई कराते तो दसवीं कक्षा में 67 में से केवल 2 बच्चे ही सभी विषयों में पास नही होते।उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से प्राध्यापक के तबादले की मांग भी की थी।
सूचना मिली थी कि अध्यापकों और कमाचखेड़ा के ग्रामीणों में टकराव हो गया। ग्रामीणों की मांग थी कि अध्यापकों को जल्द से यहां से बदला जाए। ग्रामीणों से 10 दिन का समय मांगा गया था, लेकिन ग्रामीण अपनी बात पर अड़ गए और विभाग ने मुख्य मौलिक शिक्षिका सविता, रविंद्र पटवा, राजेंद्र और अजमेर का यहां से तबादला कर दिया है। इनकी जगह दूसरे अध्यापकों को भेजा जाएगा।
-दलजीत सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जींद
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