डिजिटल डेस्क। आपने सुना होगा के कुछ लोग बैठे-बैठे ही सो जाते हैं, लेकिन आपने यह कभी नहीं सुना होगा के कोई चलते-चलते सो गया हो। आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां के लोग चलते-चलते सड़क, दफ्तर या कभी भी कहीं भी सो जाते हैं। ये जगह कहीं और नहीं बल्कि कजाकिस्तान का एक छोटा सा गांव कलाची है, जहां के लोगों की चलते-चलते ही नींद लग जाती है।  कहा जाता है कि, इस गांव के लोग एक गंभीर समस्या से पीड़ित हैं। इसकी वजह से यहां के लोग कभी भी और किसी भी समय सो जाते हैं। सबसे अलग बात ये है कि, यहां के लोगों को इस बात तक का पता नहीं होता कि अगर वे सो गए, तो फिर वह उठेंगे भी या नहीं। बता दें कि कजाकिस्तान के इस कलाची गांव की आबादी 810 है, जिसमें से करीब 200 लोग इस समस्या के शिकार हैं। सोने की हद तो तब हो गई, जब इस गांव में एक व्यक्ति की सोते-सोते ही मौत हो गई।  इस गांव के ऊपर वैज्ञानिकों द्वारा अध्ययन किया गया, तो पता चला कि इस गांव के क्षेत्र में कार्बन मोनो ऑक्साइड और हाइड्रो कार्बन की मात्रा काफी ज्यादा है। इस वजह से यहां के लोगों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाता, लेकिन वैज्ञानिकों ने अपने इस दावे को उसी समय खारिज कर दिया, क्योंकि अगर ऐसा होता तो गांव के सभी लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ता, लेकिन यहां के कुछ लोगों को ही इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अनोखी बात ये है कि, यहां के बारे में डॉक्टर और वैज्ञानिक भी अभी तक नींद आने का सटीक कारण नहीं बता सके हैं। 

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