गर्भवती बताकर 9 माह तक करते रहे इलाज, जांच में निकली रसौली
होशियारपुर, 31 मई (निस)
स्थानीय सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। डॉक्टरों ने एक महिला को 9 महीनों तक गर्भवती बताकर इलाज किया, लेकिन जब शुक्रवार को उसकी स्कैनिंग करवाई तो पता लगा कि पेट में बच्चा है ही नहीं। पिछले 9 महीनों के दौरान सेहत विभाग बाकायदा उसका टीकाकरण भी करता रहा। यही नहीं एक्सपर्ट डॉक्टर ने महिला को 27 मई को प्रसव का समय दिया।
जानकारी के अनुसार रोहित निवासी बहादरपुर ने बताया कि उसकी पत्नी पूजा ने करीब 9 महीने पहले सरकारी डिस्पेंसरी में गर्भवती होने संबंधी जांच करवाई थी तो एएनएम किरन बाला ने उसको बताया कि वो गर्भवती है। इसके बाद एएनएम और आशा वर्कर लगातार उनके घर आती रही तथा संबंधित टीकाकरण करती रहीं।
24 मई को करीब 34 सप्ताह के बाद उनके द्वारा सिविल अस्पताल में चेकअप करवाया गया जिसके बाद महिला रोगों की एक्सपर्ट डॉक्टर ने उनको प्रसव के लिए 27 मई का समय दिया। जब वह अस्पताल में दाखिल हो गए तो डाक्टरों ने उनको स्कैनिंग करवाने के लिए कहा लेकिन जब स्कैनिंग रिपोर्ट आई तो औरत के पेट में रसोली निकली। इसके बाद अगले दिन डॉक्टर ने उनको कहा कि आप घर जाओ पेट में बच्चा नहीं सिर्फ रसौली है।
इस मामले से संबंधित मौजूद एएनएम किरन बाला ने बताया कि महिला की डॉक्टर ने जांच की थी वो ही इस संबंध में बता सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमने पूजा से कई बार स्कैनिंग करवाने के लिए कहा लेकिन उसने स्कैनिंग नहीं करवाई। इसमें हमारा कोई कसूर नहीं है। उन्होंने पल्ला झाड़ते कहा कि इस संबंध में डॉक्टर ही बता सकते हैं।
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