स्पेशल गार्ड्स को US ने घोषित किया आतंकी संगठन तो ईरान ने ऐसे लिया बदला
डिजिटल डेस्क, तेहरान। ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने अमेरिका को 'स्टेट स्पॉन्सर ऑफ टेररिज्म' और क्षेत्र में उसकी सेनाओं को 'टेररिस्ट ग्रुप' घोषित कर दिया है। ईरान ने यह कदम अमेरिका के उस कदम के बाद उठाया है जिसमें अमेरिका ने सोमवार को ईरान के एलाइट इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को 'विदेशी आतंकवादी संगठन' के रूप में नामित किया था। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा था कि ईरान पर उसकी घातक महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने का दबाव बनाने के लिए ऐसा किया गया है। यह पहली बार है जब अमेरिका ने किसी अन्य देश की सरकारी संस्था को एक आतंकवादी संस्था के रूप में नामित किया है। ईरान की इस अर्धसैनिक संस्था को 1979 में सरकार का बचाव करने के लिए बनाया गया था। अमेरिका के IRGC को विदेशी आतंकवादी संगठन के रुप में नामित करने के बाद अब IRGC को किसी भी तरह की सामग्री प्रदान करना अवैध बन गया है। पोम्पिओ ने कहा था, 'ईरानी शासन के आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम में अमेरिका ने क्वॉड फोर्स सहित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को विदेशी आतंकवादी संगठन के रूप में नामित किया है। क्वॉड फोर्स IRGC की एक इकाई है। पोम्पिओ ने कहा था कि ईरानी शासन न केवल आतंकवाद का समर्थन करता है, बल्कि आतंकवाद का संचालन भी करता है। अमेरिका के एक अधिकारी ने सोमवार को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा था, यह सिर्फ एक और अध्याय है। अभी कई और अध्याय आने वाले हैं। इससे पहले ईरान ने अमेरिकी सेना को ब्लैक लिस्ट करने की धमकी दी थी। ईरान ने कहा था कि अगर अमेरिका IRGC को 'विदेशी आतंकवादी संगठन' के रूप में नामित करने के अपने फैसले पर आगे बढ़ता है तो वह अमेरिकी सेना को ब्लैक लिस्ट कर देगा। बता दें कि IRGC केवल ईरान के सुप्रीम लीडर के लिए जवाबदेह है।
from दैनिक भास्कर हिंदी http://bit.ly/2I8bika
via Latest News in Hindi
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