नई दिल्ली: लोकसभा चुनावों के साथ कई सारी अनसुनी बातें सामने आने लगी हैं| अब एक और बात सामने आई है की बिहार एक सीएम और एनडीए के सहयोगी नितीश कुमार महागठबंधन में शामिल होना चाहते थे| इसके लिए उन्होंने प्रशांत किशोर को पांच बार लालू के पास भेजा| ये दावा किया है लालू प्रसाद यादव ने अपनी आत्मकथा “गोपालगंज टू रायसीना: माई पोलिटिकल जर्नी” में|


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ये लिखते हैं लालू- बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू की ये किताब कुछ दिनों में आने वाली है लेकिन इसके अंश सामने आने शुरू हो गए हैं| इसमें लालू ने कहा की “नितीश कुमार ने महागठबंधन में शामिल होने की खूब कोशिश की थी लेकिन मैंने उन्हें वापिस नहीं लिया| अपने सहयोगी प्रशांत किशोर को नितीश ने पांच बार मेरे पास भेजा| मैंने नितीश को साथ नहीं लिया क्योकि उन्होंने मेरा भरोसा तोड़ दिया था और अब वो भरोसा करने लायक नहीं हैं”| लालू ने लिखा की “नितीश कुमार से उन्हें ख़ास समस्या नहीं थी लेकिन ये भी सोचना था की इससे बिहार की राजनीति का क्या होगा| मेरे बेटे तेजस्वी से प्रशांत किशोर कई बार मिले और ये दावा किया की अगर आरजेडी और जेडीयू साथ आते हैं तो बिहार में यूपी से भी बड़ी जीत होगी और दोनों राज्यों से बीजेपी का सफाया हो जाएगा”|

किशोर ने स्वीकारी बात- लालू के इस दावे को लेकर जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर का बयान आया है| उन्होंने कहा की “खुद को चर्चा में रखने के लिए लालू यादव ने एक बार फिर से नाकाम कोशिश की है| लालू के अच्छे दिन अब बहुत पीछे रह गए| हाँ मैं जेडीयू में जाने से पहले लालू यादव से मिला था लेकिन अगर मैं बता दूं की हमारे बीच क्या बात हुई थी तो लालू को शर्मिदा होना पड़ेगा”|

आपको बता दे की लालू और नितीश ने मिलकर बिहार में सरकार बनाई थी और तेजस्वी उपमुख्यमंत्री बने थे लेकिन बाद में नितीश कुमार बीजेपी के साथ हो लिए थे|



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