मातृ-शिशु देखभाल पर ध्यान देने की आवश्यकता : डा. विनीता
चंडीगढ़/पंचकूला, 24 मार्च (नस)
महिलाओं को गर्भावस्था और बच्चे को जन्म के दौरान मरने से बचाने के लिए यह जरूरी है कि देश के सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में विशेष देखभाल इकाइयां स्थापित की जाएं। पीजीआई में फेडरेशन ऑफ ओबस्टेट्रिक एंड गायनाकोलोजिकल सोसायटीज ऑफ इंडिया (एफओएसजीआई) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किए जा रही कार्यशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम के दूसरे दिन फेडरेशन की उत्तर भारत अध्यक्ष एवं विभाग प्रमुख डा. विनीता सूरी ने यह बात कही। सत्र का शुभारंभ करते हुए डा. विनीता ने पीजीआई में खासतौर पर मां-शिशु के स्वास्थ्य के लिए विशेष सुविधाओं की जानकारी दी। डा. विनीता ने ‘मातृ-शिशु देखभाल पर ध्यान देने की आवश्यकता’ पर सामाजिक स्वास्थ्य इकाइयों की जिम्मेदारी ने विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने इसके लिए प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ-साथ वित्तीय सहायता देकर पूरे देश में इन इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित किया है। कार्यक्रम में विभाग प्रमुख ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण और सुरक्षित कानूनी गर्भपात को बढ़ावा देने के प्रति इकाइयों को इस दिशा में भरपूर सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया।
पीजीआई की उप चिकित्सा अधीक्षक डा.विपिन कौशल ने सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभी भी इन दोनों समस्याओं ने देश को परेशान किया है और डाक्टरों को संबंधित कानूनी पहलुओं के बारे में पता होना चाहिए। इस सम्मेलन में पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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