दिल्ली-एनसीआर के मॉल और बाजार थे जैश के निशाने पर!
नई दिल्ली : पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों की बस पर हमले के बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का अगला टारगेट दिल्ली-एनसीआर था। आतंकी अपना आतंक फैलाने के लिए ज्यादा भीड़-भाड़ वाले मॉल और बाजारों को अपना निशाना बना सकते थे। संभवतः इसके लिए भी वे फिदायीन हमला करा सकते थे, क्योंकि कश्मीर के दो युवक सज्जाद के संपर्क में थे। जो उससे यही पूछते थे कि आदिल डार की तरह उनका नंबर कब आएगा। कब उन्हें शहादत नसीब होगी।
सज्जाद उन्हें यही कहता तुम्हारा भी वक्त आएगा, सब्र रखो। यहां बता दें कि आदिल डार वही आतंकी है, जिसने पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों की बस पर फिदायीन हमला किया था। उससे पहले की आतंकी दिल्ली-एनसीआर में अपने मनसूबों में कामयाब होता दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एनआईए के साथ ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर आतंकियों के नापाक इरादों पर पानी फेर दिया।
दिल्ली से गिरफ्तार हुआ पुलवामा हमले का मास्टरमाइंट मुदस्सिर खान के सहयोगी सज्जाद अहमद खान से पूछताछ में इस बात के साफ संकेत मिले हैं कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद दिल्ली-एनसीआर में बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। डीसीपी स्पेशल सेल पीएस कुशवाहा ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी सज्जाद ने बताया कि वह दिसंबर माह में ही दिल्ली आ गया था। उसने दिल्ली और नोएडा के मॉल में जाकर रेकी भी की।
इसके अलावा लाजपत राय मार्केट और अन्य कई बड़े भीड़-भाड़ वाले बाजारों की भी रेकी की। वह दिल्ली से सटे लोनी बॉर्डर पर भी गया था। अब वह पश्चिमी यूपी के मुस्लिम बहुल इलाकों में जाने वाला था। उसका मकसद वहां के नौजवान युवाओं का माइंड वॉश कर उन्हें आतंकी संगठन से जोड़ना था। उससे पहले की सज्जाद वहां जाता, पुलिस ने उसे दबोच लिया। डीसीपी पीएस कुशवाहा ने बताया कि आरोपी के पास से एक फोन बरामद हुआ है। यही फोन अब सज्जाद के सभी गुनाहों के राज खोलेगा।
उन्होंने बताया कि आतंकी सज्जाद के खिलाफ एनआईए ने मुकदमा दर्ज किया था। सज्जाद की गिरफ्तारी के बाद एनआईए ने उसे कोर्ट से 29 मार्च तक रिमांड पर लिया है। एनआईए ही उससे पूछताछ कर रही है। सज्जाद पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड मुदस्सिर के साथ लगातार व्हाट्सएप पर संपर्क में रहता था। पुलवामा हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मुठभेड़ में मुदस्सिर को मार गिराया। मुदस्सिर ही सज्जाद को ऊपर से आए सभी निर्देश भेजता था।
पुलवामा हमले के बाद मुदस्सिर ने उसे हमले की जानकारी दी और वीडियो भी भेजा। जिसे उसने फोन से डिलीट कर दिया। एनआईए की टेक्निकल एक्सपर्ट टीम फोन से सभी पुराना डाटा रिकवर करेगी और कॉल रिकॉर्ड खंगालेगी। इसके अलावा एनआईए की टीम आरोपी से जानने की कोशिश कर रही है कि वह इन तीन महीनों के दौरान दिल्ली में किन-किन लोगों के संपर्क में रहा। कहीं इस दौरान उसने दिल्ली के किसी युवा का माइंड वॉश तो नहीं किया।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एनआईए की टीम ने गुरुवार रात जैश के आतंकी सज्जाद अहमद खान को लालकिला के सामने लाजपत राय मार्केट से गिरफ्तार किया था। आरोपी पुलवामा हमले के मास्टरमाइंट मुदस्सिर का सहयोगी था। उसे पुलवामा हमले की पूरी जानकारी थी। मगर दिल्ली में जैश की नींव को मजूबत करने के लिए मुदस्सिर ने सज्जाद को दिल्ली भेज दिया था।
दिल्ली में उसे मुस्लिम बाहुल्य इलाको में रहकर अपना ठिकाना बनाना था। इसके बाद स्लीपर सेल के तौर पर रहकर दिल्ली, यूपी व अन्य राज्यों के मुस्लिम युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें जैश-ए-मुहम्मद से जोड़ना था। उसके बाद नौजवानों को हथियारों का प्रशिक्षण देकर उन्हें गोला बारूद देकर टारगेट पर हमला कराना था।
– वसीम सैफी
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