उम्मीदों का रचना कर्म
पत्रिकाएं मिलीं
अरुण नैथानी
हरियाणा साहित्य अकादमी की पत्रिका हरिगंधा का संयुक्त अंक कोरोना काल की त्रासदियों के बीच जीवन की उम्मीदें जगाता है। तमाम रचनाएं इस संकट काल के इर्द-गिर्द नजर आती हैं। डॉ. मनमोहन वैद्य का मुख्य आलेख महामारी के दौर में सेवा के संकल्प का चित्र उकेरता है। संकट के विभिन्न आयामों पर केंद्रित लेख, कहानी, लघुकथा, काव्य की विभिन्न विधाएं व व्यंग्य मानवीय संघर्ष को ऊर्जा देते हैं।
पत्रिका : हरिगंधा संपादक : प्रो. पूर्णमल गौड़ प्रकाशक : हरियाणा साहित्य अकादमी, पंचकूला पृष्ठ : 152 मूल्य : रु. 30.
यादों के उजाले में सृजन
शुभ तारिका का कृष्णांक-19 बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी डॉ. महाराज कृष्ण जैन के सृजन के सरोकारों को समर्पित है। उनसे जुड़े गहन अनुभवों-प्रेरणाओं को साहित्यकारों व रचनाकारों ने शब्द दिये हैं। स्मृति दर्पण में उर्मि कृष्ण की हृदयस्पर्शी कहानी ‘उंगलियां’ गहरे अहसासों को अभिव्यक्ति करती है। डॉ. कृष्ण जैन द्वारा रूपांतरित डब्ल्यू.डब्ल्यू. जेकब की बहुचर्चित कहानी ‘बंदर का पंजा’ रोचक कथानक से पाठकों को बांधती है। अंक पठनीय है।
पत्रिका : शुभ तारिका संपादक : उर्मि कृष्ण प्रकाशक : शुभ तारिका, कृष्णदीप, अंबाला छावनी पृष्ठ : 90 मूल्य : रु. 15.
साहित्य के सरोकारों का विमर्श
भारतीय भाषाओं और अंतर्राष्ट्रीय सृजन से हिंदी साहित्य को समृद्ध करने को प्रयासरत पत्रिका ‘आधारशिला’ के हालिया संयुक्तांक में हर्नाडो टेलेज की लातिन अमेरिकी कहानी तथा तमिल व पंजाबी कहानियों का हिंदी अनुवाद शामिल है। उड़िया कवि सीताकांत महापात्रा व रमाकान्त रथ की कविताएं भी शामिल हैं। प्रेमचंदोत्तर काल की कहानी परिदृश्य पर पानू खोलिया की विवेचनात्मक दृष्टि है। इसके अलावा जानी-मानी लेखिका नासिरा शर्मा का साक्षात्कार शामिल है।
पत्रिका : आधारशिला संपादक : दिवाकर भट्ट प्रकाशक : आधारशिला, बड़ी मुखानी, हल्द्वानी पृष्ठ : 60 मूल्य : रु. 40.
कोरोना काल में अभिनव प्रयास
देश-दुनिया जिस संकट से जूझ रही है, उस दौर की रचनाओं पर इसका प्रभाव स्वाभाविक है। काव्यमय पत्रिका ‘अभिनव प्रयास’ के संपादकीय से लेकर रचनाओं तक में कोरोना काल की चिंताओं का चिंतन है। धरोहर में कृष्ण बिहारी ‘नूर’ की मर्मस्पर्शी रचनाएं हैं। संवाद सिंधु में अमरकांत के सृजन व व्यक्तित्व पर डॉ. प्रेम कुमार की संवेदनशील दृष्टि है। काव्य की विधाओं में समय की संवेदनाओं के चित्र हैं।
पत्रिका : अभिनव प्रयास संपादक : अशोक अंजुम प्रकाशक : अभिनव प्रयास, अलीगढ़ पृष्ठ : 32 मूल्य : रु. 40.
गहरे अहसासों की दृष्टि
परिवारिक, राजनीतिक, सामाजिक सरोकारों की लघुकथा, महिला लघुकथा, मानवेत्तर लघुकथा, समग्र लघुकथा, नये विषय की लघुकथा के बाद दृष्टि का आठवां लघुकथा विशेषांक है ‘मेरी प्रिय लघुकथा’ अंक। अशोक जैन के संपादन में अंक में डॉ.बलराम अग्रवाल का लघुकथा कथ्य, शिल्प व शैलीगत प्रयोग पर केंद्रित लेख लघु कथा के मर्म को उद्घाटित करते हैं। विशिष्ट कथाकार बलराम हैं, जिनकी पांच रचनाएं शामिल हैं। अंक में 112 रचनाकारों की प्रिय लघुकथाएं शामिल हैं।
पत्रिका : दृष्टि संपादक : अशोक जैन प्रकाशक : दृष्टि, नेक सदन, गुरुग्राम पृष्ठ : 175 मूल्य : रु. 160.
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