पीयूष पांडे

वे पिछले अगस्त में धारा-370 मामले के एक्सपर्ट थे। फिर, अर्थव्यवस्था के हुए। कोरोना काल में उन्होंने स्वयं को कोविड-19 का एक्सपर्ट बताकर समाचार चैनलों पर जगह घेरी। अब, उनके एक्सपर्टत्व में नया मुकाम आया है। वह अब चीन मामलों के विशेषज्ञ हो गए हैं। मुझे लगता है कि वह चीन के बारे में सिर्फ चार बातें जानते हैं। पहली, चीन भारत का पड़ोसी है। दूसरा, चीन से चाऊमीन आई है। तीसरा, चीन की सेना सरहद पर भारतीय फौज से भिड़ती रहती है। चौथा, वह चीन में बना मोबाइल फोन उपयोग करते हैं। इसके बावजूद वे न्यूज चैनल की बहस में बैठने के लिए आवश्यक अर्हताएं पूरी करते हैं। उनके फेफड़ों में दम हैं और वह स्टूडियो में बिना पानी मांगे पूरे एक घंटे तक 120 डेसिबल पर चिल्ला सकते हैं। एंकर के अतिरिक्त किसी दूसरे मेहमान में इतना साहस नहीं कि वह उन्हें चुप करा सके। वे चिल्लाते वक्त भौंहों को मटका भी सकते हैं, जो कई दूसरे मेहमान नहीं कर सकते। वे 15 मिनट के अंतराल में अपने खर्च पर स्टूडियो पहुंच सकते हैं। और सबसे बड़ी क्वालिटी ये कि भरी महफिल उर्फ तमाशे उर्फ बहस में एंकर उन्हें कितनी भी गाली दे, कितनी भी लानत-मलानत करे, वे उसका बुरा तो कतई नहीं मानते। अलबत्ता बहस के बाद एंकर से कहते हैं कि आप बिना चिंता के बहस में हमें लतियाया कीजिए ताकि छप्पर फाड़कर टीआरपी आए।
वे अब पहुंचे हुए एक्सपर्ट हो चुके हैं। जिस तरह मोहल्ला स्तर पर पिटाई कर चुका हर शख्स चीन-पाकिस्तान को कैसे सबक सिखाया जाए, इस बाबत सलाह देने को स्वतंत्र है। वे कल चीन के मामले पर भारत के रक्षा मंत्री को सलाह दे रहे थे। उनका आत्मविश्वास वोटिंग आरंभ होने से पहले के नेताओं सरीखा था। यानी जीतेंगे तो हम ही टाइप। उन्होंने रक्षा मंत्री को स्पष्ट सलाह दी—‘देखिए, या तो आप चीन पर आक्रमण कर दीजिए। चीन के पास युवा हैं नहीं और हमारे पास बेरोजगारों की फौज है। फिर, चीन में दो बच्चा पैदा करने का कानून है और अपने यहां खुल्ली छूट है। इसलिए डॉन्ट वरी।’
उनकी इस राय पर सवाल उठा तो उन्होंने कहा—‘दूसरा तरीका बहुत आसान है। चीन की फौज जहां-जहां भारतीय फौज के सामने है, वहां आप पनीर वाला मोमोज़ भिजवा दीजिए। पनीर वाली चाऊमीन टमाटो सॉस के साथ उन्हें खाने को दे दीजिए। चीनी फौजी उंगली चाटते हुए घुटने के बल पर बैठकर मन्नते मांगेंगे कि उनका ही माल हमने कैसे इतना स्वादिष्ट बना दिया। इसी मौके का फायदा उठाकर भारतीय सैनिक उन्हें घेर सकते हैं।’
इस अद‍्भुत जवाब के बाद स्टूडियो में एक पल के लिए सन्नाटा पसर गया। एंकर भी हतप्रभ-सा उन्हें सुनता रह गया। उसे गर्व हुआ कि आखिरकार उसके शो में बैठते-बैठते एक एक्सपर्ट परम एक्सपर्टत्व को प्राप्त हो चुका है।

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