डिजिटल डेस्क, इंदौर। कोरोना संकट के बीच देशवासियों पर दोहरी मार पड़ रही है। इसकी बानगी ये दो तस्वीरें बयां कर रही हैं, जिनमें लोग लॉकडाउन के दौरान किन परेशानियों का सामना कर रहे हैं साफ दिखाई दे रहा है। मंगलवार को पहली मध्यप्रदेश के इंदौर में दिखी। इसमें एम्बुलेंस न मिलने से परिजन मरीज को स्कूटी पर लेकर अस्पताल की ओर चल तो दिए, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं दूसरी तस्वीर गुजरात के राजकोट की है। यहां एक मां को अपने बीमार बेटे को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली। इसके बाद मां ठेले पर लिटाकर बेटे की जान बचाने के लिए अस्पताल ले गई।

स्कूटी पर बच्चे को लेकर अस्पताल के लिए निकले, रास्ते में दम तोड़ा
एक बच्चे को इलाज के लिए एंबुलेंस नहीं मिली और परिवार बच्चे को दुपहिया वाहन पर अस्पताल के लिए घूमता रहा, लेकिन बच्चे ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने ट्वीट कर घटना का वीडियो साझा किया है। यादव ट्वीट में कहा कि शिवराज सिंह जी, आप खुद जितनी तारीफ करना चाहें कर लीजिए। यह ताजा वीडियो आपके सपनों के शहर-इंदौर का है, जहां तीन अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद इस रोगी बच्चे को एम्बुलेंस नहीं मिली। मिली तो सिर्फ मौत। शव भी स्कूटी पर! शर्म भी शर्मा रही है, मामाजी।



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Lockdown: If ambulance was not found in Indore, then the child was taken on a scooty, died on the way
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