सभी सुविधाएं, पूरा आराम, फिर भी घर जाने की इच्छा
विनोद जिंदल/हप्र
कुरुक्षेत्र, 31 मार्च
कुरुक्षेत्र जिला में प्रवासी मजदूरों को 7 स्थानों पर आश्रय दिया गया है। इन 7 स्थानों पर 494 मजदूर ठहरे हुए हैं। सभी को रहने के अलावा खाने तथा रात को सोने के लिए गद्दा, तकिया और चादर तक उपलब्ध करवाया गया है। इन 7 शैल्टर होम्स में मजदूरों को मेडिकल सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई गई हैं। मजदूर इन शैल्टर होमों में सभी सुविधाएं प्राप्त करने के बाद आराम तो महसूस कर रहे हैं लेकिन अपने घरों को जाने के लिए प्रार्थना भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह बात तो ठीक है कि वे यहां आराम से रह रहे हैं लेकिन वे अपने घरों को जाना चाहते हैं।
इन मजदूरों को उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न स्थानों पर जाना था। बुलन्दशहर के रहने वाले जालन्धर में हलवाई का काम करने वाले एक मजदूर ने बताया कि वह जालन्धर से पैदल और बीच में ट्रक से यहां पहुंचा है। दूसरे मजदूर शीशपाल ने बताया कि वह पंजाब बॉर्डर से पैदल आया है। पंकज ने बताया कि वे ठेके पर बाबैन में काम करते थे लेकिन वहां से उसे हटा दिया गया है और वह अपने घर जाना चाहता है। चाहे अधिकतर की लालसा घर जाने की है लेकिन वे यहां ठहरकर आराम से अपने-अपने मोबाइलों पर गाने सुनने तथा अन्य कार्यक्रम देखने में भी व्यस्त हैं। सभी का कहना है कि अब उन्हें समय तो पास करना ही पड़ेगा। धर्मशाला के प्रधान धनपत माथुर ने बताया कि वे धर्मशाला में सभी का पूरा ध्यान रख रहे हैं।
The post सभी सुविधाएं, पूरा आराम, फिर भी घर जाने की इच्छा appeared first on दैनिक ट्रिब्यून.
from दैनिक ट्रिब्यून https://ift.tt/2R13TX0
via Latest News in Hindi

0 Comments