सोनीपत में मंगलवार को बार्डर इलाके में पहुंचे श्रमिकों को रोकता पुलिस अधिकारी। -हप्र

पुरुषोत्तम शर्मा/हप्र
सोनीपत, 31 मार्च
दो वक्त की रोटी, रहने को बेहतर व्यवस्था, नहाने और कपड़े धोने को साबुन, दो बार चाय और बिस्किट के बावजूद श्रमिक हैं कि यहां रहने को तैयार नहीं। इतना ही नहीं कई शेल्टर होम में तो इन श्रमिकों के मोबाइल तक रिचार्ज कराए गए, ताकि वह अपने परिवार के लोगों से वीडियो कॉल कर सकें। इसके बावजूद उनकी एक ही रट है कि उन्हें घर जाना है।
श्रमिकों का कहना था कि वह सरकारी या संस्थाओं की सुविधाओं को नहीं चाहते, उन्हें तो बस अपनों के बीच जाना है। इसके लिए जो सरकार कहे, वह करने को तैयार हैं, बस एक बार उन्हें अपनों के पास भेज दो। ये कहानी है, उन श्रमिकों की, जो शेल्टर होम में रुके हुए हैं। इनमें बच्चे, बूढ़े और महिलाएं भी शामिल हैं। प्रशासन ने सरकार के आदेश के बाद इन श्रमिकों को शेल्टर होम बनाकर रोका था। ताकि अफरा-तफरी के बीच वह महामारी की चपेट में नहीं आ सकें। साथ ही इनके लिए जरूरत का सारा सामान भी मुहैया कराया गया है।
लेकिन अफवाहों और संशय के बीच अपनों से दूर होना इन्हें सता रहा है। इनकी पीड़ा अपनी जगह वाजिब है और शासन की मजबूरी अपनी जगह है। लेकिन इनकी बेबसी शासन की मजबूरी समझने को तैयार नहीं है। ये तो बस एक ही रट लगा रहे हैं कि इन्हें किसी तरह भी इनके अपनों के बीच पहुंचा दें। उत्तर प्रदेश के झांसी और इटावा के रहने वाले परिवारों का कहना है कि साहब सारी चीजें ठीक हैं, सुविधा भी पूरी हैं, लेकिन संकट में तो अपने ही काम आते हैं। पता नहीं घर वाले किस हाल में होंगे, अपनी चिंता तो ठीक है परिवार की देखभाल की जिम्मेदारी भी तो हमारी ही है। ऐसे में इन सुविधाओं का क्या करना है, हमें तो अपनों से मिलना है।
कई बार तो माहौल ऐसा भी हुआ कि श्रमिक जिद पर उतर आते हैं और प्रशासन की ओर से लगाए गए डयूटी मजिस्ट्रेट और कर्मचारी इनकी मान-मनौव्वल करते हैं। लेकिन कुछ देर बाद फिर से एक ही रट कि घर भेज दो। श्रमिक चेतावनी भी दे रहे हैं कि अगर मनमानी की, तो वह आंदोलन कर देंगे।

सोनीपत के 11 शेल्टर होम में 402 श्रमिक

इधर, प्रशासन ने सोनीपत में 11 शेल्टर होम में 402 प्रवासी श्रमिकों को रहने के लिए सुविधाएं प्रदान की गई। इन शेल्टर होम में इनके रहने व खाने के लिए व्यवस्था की गई है। आईआईटीएम मुरथल में बनाए गए शेल्टर होम में 120 लोगों को सुविधा दी गई है। इनमें 103 पुरुष, 11 महिलाएं और 6 बच्चे शामिल हैं। सत्यम मार्डन स्कूल में 105 लोगों को आश्रय दिया गया है। इनमें 98 पुरुष, 6 महिलाएं व 6 बच्चें हैं। बीईओ कार्यालय राई में बनाए गए शेल्टर होम में 117 लोगों को आश्रय दिया गया है। इनमें 106 पुरुष, 5 महिलाएं व 6 बच्चे शामिल हैं। जैन स्कूल गन्नौर में 60 लोगों को आश्रय दिया गया है। यहां 47 पुरुष, 5 पुरुष व 8 बच्चें शामिल हैं। इसके साथ ही सरस्वती स्कूल बहालगढ़, राजकीय हाई स्कूल हसनपुर, ओम स्कूल गोहाना, राजकीय कन्या कॉलेज गोहाना, राजकीय कॉलेज पीपली, राजकीय हाई स्कूल पीपली और डीपीएस गन्नौर में भी प्रत्येक शेल्टर होम मे रहने की व्यवस्था की गई है। शेल्टर होम में रखे गए सारे श्रमिकों की मेडिकल जांच भी कराई गई है।

विदेश से आने वालों का आंकड़ा हुआ 320

सोनीपत में विदेश से आने वाले नागरिकों का आंकड़ा 320 के पास पहुंच गया है। इनमें से 90 लोगों को संदिग्धों की सूची में रखा गया था। इनमें से 70 लोग नेगेटिव मिले हैं। जबकि एक पॉजिटिव मिली युवती की रिपोर्ट भी तीन बार से नेगेटिव आ रही है। प्रशासन ने जागरूकता और लोगों को इनके संपर्क से बचाने के लिए 295 लोगों के हाथों पर स्टैंप लगाई है। डीसी डा. अंशज सिंह ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विदेश से आये 295 लोगों को क्वारंटाइन में रखा गया है। इनमें से 238 लोगों की 14 दिनों की तथा 35 लोगों की 28 दिन की क्वारंटाइन की समयावधि पूर्ण हो चुकी है। अभी भी 82 लोग ऐसे हैं, जिनकी 14 दिन क्वारंटाइन की अवधि पूरी नहीं हुई है।
आनंदमूर्ति गुरु मां ने दिये 52 लाख गन्नौर स्थित ऋषि चैतन्य आश्रम की संचालक आनंदमूर्ति गुरु मां ने कोरोना वायरस-19 से पैदा हुई आपात स्थिति में सरकार की सहायतार्थ कुल 52 लाख रुपये की राशि भेंट की है। गुरु मां ने प्रधानमंत्री कोरोना केयर फंड में 31 लाख तथा हरियाणा राज्य कोरोना राहत कोष में 21 लाख रुपये दिए हैं।

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