वीरता और त्याग को समर्पित तीर्थ
देशपाल सौरोत
हरियाणा के ब्रज क्षेत्र पलवल जिले के होडल में सती सरोवर तीर्थ का विशेष महत्व है। सदियों पूर्व यहां एक छोटा-सा मंदिर था। मान्यता है मंदिर की स्थापना पांडव काल के दौरान हुई थी। इसके बाद सती सरोवर, रानी की छतरी, महल, कचहरी व बारह खंभों का निर्माण भरतपुर के महाराजा सूरजमल ने कराया था।
यहां प्रत्येक वर्ष लगने वाले सती सरोवर मेले में राजस्थान, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल, दिल्ली से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मान्यता है कि इस दिन मंदिर में आकर मांगने से महिलाओं की हर मन्नत पूरी होती है। वहीं, मंदिर में सती माता को घी से नहलाने और इसे लगाने से परिवार के किसी भी सदस्य को चेचक का सामना नहीं करना पड़ता।
इस प्राचीन सती मंदिर के साथ एक ऐतिहासिक कथा जुड़ी है। होडल के पालड़ी गांव के किसान काशीराम की पुत्री किशोरी देवी का विवाह राजस्थान के भरतपुर के महाराजा सूरजमल के साथ हुआ था। महारानी किशोरी के भाई बलराम सिंह सेनापति थे और उनका विवाह होडल चौबीसी के गांव मानपुर की जसकौर के साथ हुआ था। बलराम सिंह दिल्ली में अंग्रेजों के साथ लोहा लेते हुए बेहद वीरता से लड़े और शहीद हो गये थे। उनकी पत्नी जसकौर उनके साथ ही सती हो गयी थीं। इस वीरता और त्याग की याद में यहां सती सरोवर का निर्माण कराया गया।
मंदिर में सुबह-शाम पूजा के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। सती सरोवर पर हर साल बड़ा मेला लगता है। मंदिर में महिला संकीर्तन व नवरात्र के दौरान विशेष पूजा-अर्चना का कार्यक्रम भी होता है।
सती सरोवर तीर्थ स्थल राजीव गांधी चौक के पास स्थित है। पलवल से होडल पहुंचकर पुरानी तहसील रोड होते हुए राजीव गांधी चौक आ सकते हैं। बस स्टैंड से आने के लिए पुराने जीटी रोड पर बाबू जगजीवन राम चौक होते हुए राजीव गांधी चौक पहुंचा जा सकता है। रेलवे स्टेशन से सीधा रास्ता इस तीर्थ पर आता है।
The post वीरता और त्याग को समर्पित तीर्थ appeared first on दैनिक ट्रिब्यून.
from दैनिक ट्रिब्यून https://ift.tt/3bgxVOK
via Latest News in Hindi



0 Comments