दिल्ली में हुआ 61 फीसदी मतदान, EXIT POLL में आम आदमी पार्टी की जीत का अनुमान
नई दिल्ली। दिल्ली में शनिवार को विधानसभा चुनाव के लिए 61.46 फीसदी मतदान हुआ। यह 2015 में हुए चुनाव के 67.47 फीसदी मत प्रतिशत से कम है। एग्जिट पोल की मानें तो विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ने वाली आप को आसान जीत मिलती दिख रही है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणबीर सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि मतदान शांतिपूर्ण रहा। त्वरित प्रतिक्रिया बल समेत 60,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को चुनाव के मद्देनजर तैनात किया गया था। कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने फ्लैग मार्च किया।
चुनाव अधिकारियों ने बताया कि शाम छह बजे तक मत प्रतिशत 57.04 फीसदी था, इस वक्त तक कतारों में खड़े हो चुके लोगों के मतदान करने के बाद मत प्रतिशत बढ़कर 61.46 फीसदी तक पहुंच गया तथा इसके और बढ़ने की उम्मीद है। तीन अल्पसंख्यक बहुल सीटों मुस्तफाबाद, मटिया महल और सीलमपुर पर शाम पांच बजे तक सबसे अधिक मतदान हुआ। चुनाव अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार उत्तर पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद में शाम पांच बजे तक 66.29 प्रतिशत मतदान हो चुका था। पुरानी दिल्ली के मटियामहल इलाके में 65.62 मतदान हुआ। यहां सीएए के खिलाफ प्रदर्शन हुए हैं। उत्तर-पूर्वी दिल्ली की एक और अल्पसंख्यक बहुल सीलमपुर क्षेत्र में 64.92 मतदान हुआ। यहां भी सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए हैं। जाफराबाद, जामिया नगर, तुर्कमान गेट, शाहीन बाग और सीलमपुर जैसे अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। दिल्ली के शाहीन बाग में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर महिलाओं ने शनिवार को विधानसभा चुनाव में मतदान केंद्रों पर बारी-बारी से जाकर मतदान किया, ताकि आंदोलन प्रभावित नहीं हो।
प्रदर्शन कर रही कुछ महिलाओं ने सुबह मतदान किया, जबकि कुछ ने दोपहर में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। शेष महिलाओं ने शाम के समय मतदान किया। मतदान कर प्रदर्शन स्थल पर पहुंची महज़बीं कुरैशी ने कहा, ‘‘मैं घर पर रुकी, ताकि परिवार की सभी महिलाएं अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने जा सकें। अब मैं मतदान के बाद शाहीन बाग प्रदर्शन के लिए पहुंची हूं। मैंने लोकतंत्र बचाने के लिए मतदान किया।’’ बाबरपुर में मतदान केंद्र पर मतदान शुरू होने से पहले एक निर्वाचन अधिकारी की हृदय संबंधी परेशानी के कारण मौत हो गई।
चांदनी चौक से कांग्रेस उम्मीदवार अल्का लांबा की आप के एक कार्यकर्ता से बहस हो गई। मतदान संपन्न होने के बाद आए तकरीबन सभी चुनाव बाद सर्वेक्षणों (एग्जिट पोल) में मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) की बड़ी जीत का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। कुछ सर्वेक्षणों में संकेत दिया गया है कि पार्टी 2015 का रिकॉर्ड दोहरा सकती है जब इसने 70 विधानसभा सीटों में से 67 पर जीत का परचम फहराया था।

वहीं, इंडिया टुडे-एक्सिस पोल के अनुसार दोनों पार्टियों के लिए यह आंकड़ा क्रमश: 56 और 35 प्रतिशत का हो सकता है। वर्ष 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप ने 67 सीटों के साथ प्रचंड जीत हासिल की थी और भाजपा के खाते में केवल तीन सीट आई थीं। तब दोनों पार्टियों का वोट प्रतिशत क्रमश: 54.3 और 32.3 प्रतिशत था। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने एग्जिट पोल को नकारते हुए दावा किया कि भाजपा दिल्ली विधानसभा चुनाव में 48 सीट जीतेगी। तिवारी ने ट्वीट किया कि एग्जिट पोल ‘‘फेल’’ होंगे। भाजपा 48 सीट जीतेगी और दिल्ली में सरकार बनाएगी कृपया ईवीएम पर आरोप मढ़ने का बहाना न ढूंढ़ें।
मतदान खत्म होने के बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिल्ली इकाई के नेताओं के साथ बैठक की और स्थिति का जायजा लिया। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दावा किया कि उनकी पार्टी बड़े अंतर के साथ जीतने जा रही है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, पश्चिमी दिल्ली के सांसद परवेश वर्मा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी वोट दिया। केंद्रीय मंत्रियों एस.जयशंकर, हरदीप सिंह पुरी भी मतदान करने पहुंचे। मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सिविल लाइन्स इलाके के राजपुर परिवहन प्राधिकरण मतदान केंद्र में वोट दिया। नयी दिल्ली सीट से चुनाव लड़ रहे केजरीवाल के साथ पत्नी सुनीता और बेटे पुलकित भी थे। मतदान के लिए जाने से पहले उन्होंने अपने माता-पिता का आशीर्वाद लिया।
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