सिल्वर स्क्रीन
ए. चक्रवर्ती
सलमान-कैट की दोस्ती
वक्त ने कई करवटें बदली मगर सलमान औेर कैट की दोस्ती आज भी किसी की समझ में नहीं आई है। वैसे कैट और सलमान खान के रिश्ते को लेकर कई तरह की बातें सुनने को मिलती रही हैं। कभी सुनने को मिला है कि दोनों जल्द ही शादी करने वाले हैं। कभी उनके ब्रेक-अप की खबरें भी ब्रेकिंग न्यूज़ बनती रही। यही वजह है कि उनके रिश्ते के स्टेट्स से सभी ना-वाकिफ रहे हैं। लेकिन हाल में कैट ने फिर साफ तौर पर कहा है कि सलमान उनके बेस्ट फ्रेंड बन कर ही रहेंगे। और इसके साथ ही उन्होंने यह जानकारी भी दी है कि सलमान और उनकी दोस्ती की उम्र 16 साल लंबी हो चुकी है। और कुछ भी हो जाए,वह इस दोस्ती को हरगिज़ नहीं छोड़ेंगे। उन्हें इस बात का दुख भी है कि इंडस्ट्री में बहुत सारे लोग ही दोस्ती का हाथ बढ़ा देते हैं, पर उनकी इस दोस्ती में एक स्वार्थ छिपा होता है। सलमान की दोस्ती ऐसा कुछ डिमांड नहीं करती है।
लालसिंह चड्ढा के नए तेवर
अभिनेता आमिर खान पिछले दिनों पंजाब में अपनी फिल्म लाल सिंह चड्ढा की शूटिंग करके लौटे हैं। इसकी शूटिंग के दौेरान भी वह इसकी स्क्रिप्ट पर नज़र दौड़ाते दिखाई पड़े। वैसे भी उनके बारे में यह मशहूर है कि वह ज़रूरत से ज्यादा स्क्रिप्ट को वक्त देते हैं। जिसके चलते स्क्रिप्ट में उनके फेरबदल की बातें भी आम हैं। दूसरों की लिखी कहानी को अपने नियंत्रण में करना उनके लिए एक आम बात है। इस वजह से उनके साथ ताल-मेल बिठाना हर निर्देशक के वश की बात नहीं होती। लाल सिंह चड्ढा के निर्देशक चंदन कई साल से उनके विशेष सहयोगी रह चुके हैं। इससे पहले भी वह आमिर के साथ एक हिट फिल्म ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ बना चुके हैं। पर यह फिल्म उनके लिए बड़ी चुनौती बन गई है। पर चंदन आमिर के बारे में सब कुछ जानते हैं। लेकिन आमिर के एक अनोखी शर्त के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। अब जैसे कि उनकी एक अहम शर्त होती है कि फिल्म में उनका कोई लांग शाॅट नहीं होगा। असल में आमिर लांग शाॅट देना बिल्कुल ही पसंद नहीं करते हैं। चंदन इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं। इसलिए वह हमेशा की तरह लांग शाॅट लेने से बच रहे हैं। शायद बहुत कम लोगों को पता हो कि फिल्म पीके में सिर्फ एक लांग शाॅट रखने के लिए फिल्म के निर्देशक राजकुमार हिरानी से उनकी काफी बहसबाज़ी हुई थी।
चूक रहा है अर्जुन का निशाना
आशुतोष गोवारिकर की मेगा बजट फिल्म ‘पानीपत’ की भारी विफलता के बाद अभिनेता अर्जन कपूर फिर से एकदम शून्य पर आ खड़े हुए हैं। इन दिनों उनकी कोई फिल्म फ्लोर पर नहीं है। परिणीति चोपड़ा के साथ की उनकी एक अहम फिल्म ‘संदीप और पिंकी फरार’ काफी पहले बन कर रिलीज़ होने का नाम नहीं लेे रही है। असल में दिबाकर बनर्जी की इस फिल्म को रिलीज़ करने में यशराज बैनर को भी परेशानी आ रही है। इसी तरह से मोहित सूरी की हिट फिल्म ‘एक विलेन’ के सीक्वल में उन्हें अच्छा रोल मिला है। काशिव नायर की अनाम फिल्म में भी वह काफी अहम रोल कर रहे हैं। पर किसी कारणवश ये फिल्में प्री-प्रोडक्शन से आगे ही नहीं बढ़ पा रही है। ज़ाहिर है इस समय तो अर्जुन का कोई भी निशाना सठीक नहीं बैठ रहा है। अर्जुन कहते हैं,‘ निश्चित तौर पर पानीपत को लेकर मेरी काफी उम्मीदें थी। पर यह फिल्म दर्शकों को बिल्कुल पसंद नहीं आई। मुझे लगता था कि इसके बाद मेरे बारे में अलग से सोचा जाएगा। पर ऐसा बिल्कुल हुआ नहीं। आप यह भी कह सकते है,शायद मेरा निशाना ही चूक रहा है। पर इन सब कारणों से मैं जरा भी अपसेट नहीं हूं। मुझे अब भी 2 स्टेट्स, औरगजेब,गुंडे जैसी फिल्म चाहिए, तब सारी बातें फिर आसान हो जाएंगी।’पर ताज़ा हाल यह है कि अर्जुन के निजी जिंदगी का निशाना भी बिल्कुल सही नहीं बैठ रहा है। ऐसा कहा जाता है कि 35 साल के अर्जुन 46 साल की मलाइका अरोड़ा ने गुपचुप ढंग से शादी रचा ली है। पर खुद उनके पिता इस शादी के सख्त खिलाफ है। अर्जुन ऐसे सवालों को सिरे से खारिज कर देते हैं,‘मैं अपने रिलेशनशिप के बारे में कुछ भी नहीं कहना चाहता हूं। मीडिया तो हर रोज़ मेरी शादी करवा रहा है। मैं ऐसे सवालों का कितना खंडन करता रहूं। यह निहायत मेरा निजी मामला है। मैं बहुत खुश हूं,इस समय मुझे अपने करियर की फिक्र है। मैने सहायक निर्देशक के तौर पर अपना फिल्म करियर शुरू किया था। मेरे पिता भी चाहते हैं कि मैं डायरेक्शन में भी ट्राई करुं।
कहां गुम हो जाते हैं नये गायक
मीका सिंह, बादशाह, नेहा कक्कड़, हार्ड कौर , सोना महापात्रा, नेहा भसीन, ओपी मिश्रा , बेनी दयाल, शेफाली एल्वरिस, शामली कोलघड़े, टोची रैना, हर्षदीप, अरजीत सिंह,श्रीराम, अदिति सिंह शर्मा, सुकन्या पुरूयास्था, मोहित चौहान, शिल्पा राव आदि नये गायकों की यह एक छोटी-सी सूची है। इन कलाकारों ने पिछले छह-सात साल में फिल्म संगीत के क्षेत्र में लगातार सक्रियता दिखाई इनमें सें कुछ गायक नेहा भसीन, नेहा कक्कड़, बेनी दयाल, अरजीत सिंह, मोहित चौहान, मीका सिंह, शिल्पा राव आदि तो खासे व्यस्त हो चले हैं। तेज़ी से अपनी पहचान बना रही इंडियन रैपर हार्ड कौर बताती हैं ,‘ मेरा पहला सोलो एलबम सुपर वुमैन 2007 में रिलीज़ हुआ था। इस बीच संगीत जगत में बहुत बदलाव आया है। चैनल से लेकर हर तरफ हिंदी गाने छा गये हैं। एलबम की बजाय फिल्मी गानों को ज्यादा नोटिस किया जा रहा है।’ दूसरी ओर चर्चित गायक मीका कहते हैं ,‘मैं ज्यादा फिल्मी गाने नहीं गाना चाहता हूं। हर फिल्म में एक हिट गाना गा दूं ,इतना ही काफी है। ताकी एक अदद बेहतर गाने की प्यास हमेशा बनी रहे।’ मगर इनमें कुछ गायक ही अपनी गायिकी में पैनापन लाने के लिए संघर्षरत हैं। इसके लिए स्टेज शो ,टीवी के रियलिटी शो आदि किसी भी माध्यम का वह जमकर उपयोग कर रहे हैं। लगातार फिल्मों के लिए गा रही गायिका नेहा कक्कड़ अपने गायन कला को ज्यादा से ज्यादा विस्तार देना चाहती है। इसमें कोई सदेह नहीं है कि नए गायक कलाकार जिस तेजी से आ रहे है,उतनी ही तेजी से गुम हो रहे है। वाकई में नये गायकों के लिए यह रास्ता आसान नहीं है। अब जैसे कि गायक मोहित चौहान ने कुछेक फिल्मों में रणबीर के ज्यादातर गाने गाये थे। मगर ये जवानी….में रणबीर के गानों को कई गायकों ने गाया था। नए गायकों को एक नयी तरह का स्ट्रगल करना पड़ रहा है। वरिष्ठ संगीतकार उत्तम सिंह कहते हैं ,‘ यह स्ट्रगल तो लगातार अच्छा गाकर ही खत्म हो सकता है। गिनती के कुछ अच्छे गाने गाकर कैसे आप अपने आपको साबित कर सकेंगे।’ नये गायक कलाकारों को भी इस सच्चाई से वाकिफ होना पड़ेगा।
रिचा का साइड ट्रैक
यह एक बहुत अच्छी बात है कि रिचा चड्ढा ने बहुत जल्द अपने एक्टिंग ट्रैक को एक नई दिशा दे डाली है। असल में फुकरे के बाद से उन्होंने इस बात को अच्छी तरह से जान लिया है कि साइड ट्रैक पर चलना उनके फिल्म करियर के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित होगा। नई फिल्म ‘पंगा’ में एक कबड्डी कोच के तौर पर उन्होंने इस बात को और अच्छी तरह से साबित किया है। खुद रिचा बताती हैं,‘फुकरे के बाद की कई फिल्मों में काम करके मुझे साफ लगा कि अपना ट्रैक थोड़ा साइड में रखना ठीक होगा। बेवजह लीड रोल करने की जिद मुझे बेहतर रोल से दूर कर सकती है। इसका रिजल्ट मुझे अच्छा ही मिला है। इस समय भी मैं अभी तो पार्टी शुरू हुई, घुमंतु, शकीला, भोली पंजाबन जैसी जिन तीन-चार फिल्मों की शूटिंग कर रही हूं,उनमें भी मेरा बहुत दमदार करेक्टर है। मुझे लगता है कि एक एक्टर के लिए इससे ज्यादा संतुष्टि की क्या बात हो सकती है कि वह अपना मनचाहा करेक्टर कर रही है।’
एनजीओ का काम देख रही हैं हुमा
अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने अभी हाल में अमेरिकन थ्रिलर फिल्म ‘आर्मी आॅफ द डेड’ की काफी शूटिंग की है। यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर इस साल के मध्य में रिलीज़ होगी। जहां तक हिंदी फिल्मों का सवाल है, फिलहाल उनकी कोई हिंदी फिल्म फ्लोर पर नहीं है। पर हुमा ऐसी बातों को बिल्कुल अहमियत नहीं देती है। कुछ न कुछ करते रहना उनके स्वभाव में है। इन दिनों वह एक डाक्यूमेंट्री फिल्म बना रही हैं। कुछेक एनजीओ के लिए भी काम कर रही हैं। वह बताती हैं,‘ सोसायटी के लिए कुछ करने पर मुझे बहुत आनंद मिलता है। इसलिए अपने प्रोफेशनल काम से थोड़ी-सी फुरसत मिलते ही मैं किसी न किसी एनजीओ के काम में अपना सहयोग करती हूं। अब तो मुझे खुद भी पता नहीं है कि मैं कितने एनजीओ के साथ जुड़ी हुई है। जब भी कोई भी सामाजिक संस्था मुझसे कुछ सहयोग चाहती हैं मैं उनके साथ जुड़ जाती हूं। बस,उनके विवादास्पद काम से मैं अपने आपको दूर रखती हूं। मुझे सिर्फ असहाय और पीडित लोगों के लिए कुछ करके अच्छा लगता है। और यह काम मैं निजी तौर पर भी करती हूं। इसमें किसी एनजीओ की भी मुझे ज़रूरत नहीं पड़ती है।’
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