वास्तु शास्त्र में कल आचार्य इंदु प्रकाश ने आग्नेय कोण, यानि दक्षिण-पूर्व दिशा में श्यनकक्ष न होने के बारे में बताया था। वहीं आज उसी कड़ी आज बताएगे दूसरी दिशाओं के बारे में।  बताया था कि दक्षिण-पूर्व दिशा में श्यनकक्ष होने से पति-पत्नी के संबंधों में कलह की स्थिति उत्पन्न होती है। इस दिशा में शयनकक्ष होने से व्यक्ति का क्रोध भी बढ़ता है । इस दिशा में सोने से स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहता। 

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