कांग्रेस का भविष्य
आखिरकार कांग्रेस के नये अंतरिम अध्यक्ष के रूप में सोनिया गांधी की नियुक्ति हो ही गई। क्या अध्यक्ष के चयन से कांग्रेस दुबारा अपना वही दबदबा बना पाएगी, जो पहले था। पार्टी के हाथों में तकरीबन दर्जन राज्य थे जो अब चार राज्यों तक सिमट कर रह गए हैं। कांग्रेस को बीजेपी के कार्य में खोट निकालने से पहले यह देखना चाहिए कि वह कैसे आमजन के हित में अपना नाम दुबारा बना पाएगी। आपको किसी दूसरे की निंदा करके राज्यों की सत्ता हासिल नहीं होगी बल्कि इसके लिए आमजन के लिए कुछ एजेंडा सेट करना पड़ता है। देखना यह है कि कांग्रेस किस तरह विकास के मुद्दों को अहमियत देती है।
जानवी बिट्ठल, जालंधर

गंभीरता समझें
अनुच्छेद 370 और 35 ए को समाप्त करना तो ठीक है लेकिन सोशल मीडिया पर उपहास की जिस अमर्यादित एवं असंयमित भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, वह देश हित में नहीं कही जा सकती। इस ऐतिहासिक फैसले को सही साबित करना हमारी जिम्मेदारी है। कश्मीरवासियों को भी यह अहसास करवाएं कि हम आपके साथ हैं। ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर देश को एक रहना चाहिए। ऐसे फैसलों की राजनीतिक पृष्ठभूमि एवं निहितार्थ अवश्य होते हैं, पर परिणाम दूरगामी होते हैं।
राजकुमार, राजौंद

बहुमत का करिश्मा
7 अगस्त के दैनिक ट्रिब्यून में संपादकीय बहुमत का करिश्मा सत्तापक्ष सरकार के मुख्य फैसलों का खुलासा कर रहा था, जिनमें तीन तलाक व अनुच्छेद 370 का समापन भारत के लिए महत्वपूर्ण रहा। जम्मू-कश्मीर में दोहरी नागरिकता की समाप्ति, झंडा और संविधान एक होना एवं सरकार का कार्यकाल 5 वर्ष का निश्चित करना महत्वपूर्ण रहा। सरकार के इस फैसले से आतंकवाद का गढ़ पाकिस्तान अवश्य ही एक बार बेचैन हो गया है।
अनिल कौशिक, क्योड़क

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