ग्रुप-डी की नौकरियों का नतीजा हैं मिड्ढा : रामबिलास
ट्रिब्यून न्यूज सर्विस
चंडीगढ़, 5 अगस्त
विधानसभा के माॅनसून सत्र के दौरान सोमवार को हरियाणा लोकसेवा आयोग और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा की गई भर्तियों पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए। नौकरियां बेचने के आरोप भी इस दौरान लगाए गए। हालांकि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विपक्षी दलों के विधायकों के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि हमने नौकरियां मैरिट पर दी हैं और आगे भी ऐसे ही देते रहेंगे। इस दौरान संसदीय कार्यमंत्री प्रो़ रामबिलास शर्मा ने भी इस पर चुटकी ली। जींद उपचुनाव में भाजपा की टिकट पर जीत हासिल करने वाले डॉ़ कृष्ण मिड्ढा की ओर इशारा करते हुए रामबिलास ने कहा, मिड्ढा साहब ग्रुप-डी की भर्ती का ही नतीजा हैं। भाजपा ने ईमानदारी से युवाओं को रोजगार दिया। विधानसभा चुनाव में भी मैरिट पर नौकरियां भाजपा का सबसे बड़ा मुद्दा रहेगी।
दरअसल, शून्यकाल के दौरान विधायकों द्वारा अपने हलकों के अलावा कई ज्वलंत मुद्दे सदन में उठाए जा रहे थे। इसी दौरान कलायत से निर्दलीय विधायक जयप्रकाश ‘जेपी’ ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग पर नौकरियां बेचने के आरोप जड़ दिए। जेपी ने कहा, बेशक मुख्यमंत्री ईमानदार हैं लेकिन नौकरियों में पूरी तरह से पारदर्शिता नहीं है। उन्होंने कहा, सब-इंस्पेक्टर की भर्ती में भी धांधली की गई। जेपी ने कहा कि सात उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्हें पांच अंकों का लाभ मिलना चाहिए था, लेकिन उन्हें यह लाभ नहीं दिया गया। इस वजह से उनका चयन नहीं हो सका। पूर्व के सत्रों में भी नौकरियों के मुद्दे पर बहस होती रही है। बजट सत्र में कांग्रेस विधायक डॉ़ रघुबीर सिंह कादियान ने यह मान लिया था कि अब नौकरियों में मुख्यमंत्री की पर्ची नहीं चलती है। सोमवार को इस पर सफाई देते हुए कादियान ने कहा, मैंने यह कहा था कि मुख्यमंत्री पर्ची नहीं देते हैं, लेकिन इशारा करते हैं।
उनके इशारे से ही यह तय होता है कि किसे नौकरी देनी है और किसे नहीं। इस पर सीएम ने कहा, आज तक सभी नौकरियां मैरिट पर पारदर्शिता के साथ लगी हैं।
5 अंक दिए जाने की गलती में सुधार
सीएम ने सदन में यह स्वीकार किया कि विधवाओं के बच्चों को पहली नौकरी में पांच अंकों का लाभ दिए जाने के नोटिफिकेशन में विधवा की बजाय अनाथ शब्द जारी हुआ। ऐसे में अनाथ बच्चों को तो इसका लाभ मिल गया लेकिन ग्रुप-डी की नौकरियों में विधवाओं के बच्चों को इसका लाभ नहीं मिला। अब सरकार ने अनाथ के साथ विधवा शब्द भी जोड़ दिया है। इसका नोटिफिकेशन भी हो चुका है। अब होने वाली सभी भर्तियों में विधवा महिलाओं के बच्चों को नौकरी में पांच अंकों का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। गौरतलबह है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बयान जारी कर आराेप लगाया है कि चयन आयोग की गलती बेरोजगार युवा भुगत रहे हैं। सोमवार को चंडीगढ़ में जारी बयान में हुड्डा ने कहा, राज्य सरकार द्वारा पॉलिसी बनाई गई कि विधवा या विधवा के बच्चों को सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए अलग से 5 नंबर दिए जाएंगे। लेकिन मार्च-2019 में हरियाणा पुलिस की भर्ती का नतीजा आया तो चयन आयोग ने सरकारी पॉलिसी के मुताबिक अलग से पांच नंबर लेने के पात्र आवेदकों को यह लाभ नहीं दिया।
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