एक नई स्टडी में यह खुलासा हुआ है कि सामान्य तौर पर दर्द के लिए ली जानी दवाइयों से उम्रदराज वयस्कों के अंदर हार्ट अटैक की संभावनाएं बढ़ जाती है। यह रिसर्च यूके, नीदरलैंड, इटली और जर्मनी के 77 वर्ष की औसत उम्र के 1 करोड़ लोगों पर की गई है। इन प्रतिभागियों की तुलना ऐसे लोगों के साथ की गई है जो किसी भी प्रकार की दवाई का सेवन नहीं कर रहे थे ।

विशेषज्ञों ने कहा कि निष्कर्ष के तहत 65 वर्ष के लिए थोड़ा प्रासंगिकता है लेकिन बुजुर्ग मरीजों के लिए एक चिंता का विषय हो सकता है।इटली में मिलानो- बिकाको विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने आइबूप्रोफेन, नेपरोक्सन और डिक्लोफेनाक में नॉन-स्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स पाया है। जिससे 19% दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।

रॉयल फ़ार्मास्यूटिकल सोसायटी में हृदय रोग के लिए सलाहकार फार्मासिस्ट का कहना है कि उम्रदराज वयस्कों में ऐसी दवाइयों के सेवन से उच्च रक्तचाप, मधुमेह, गुर्दे की समस्याओं में कुछ इजाफा हो सकता है। यह अध्ययन बीएमजे जर्नल में प्रकाशित हुआ है।





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