हमारे आसपास पाए जाने वाले पेड़ो में बहुत सारे ऐसे औषधिय गुण होते है जिनसे हमारी कई तरह की गंभीर बीमारिया ठीक हो सकती है। आज हम यहाँ बात करते है पीपल के पेड़ की। केवल भारतीय उपमहद्वीप में पाये जाने वाला पीपल का पेड़ आयुर्वेद का बेहतरीन खज़ाना होता है।

इससे कई गंभीर बीमारियों का उपचार हो जाता है। गोनोरिया, डायरिया, पेचिश, नसों का दर्द, नसों में सूजन के साथ झुर्रियों की गंभीर समस्‍या से निजात पाने के लिए इस पेड़ का बेहतरीन तरिके से प्रयोग हो सकता है।

घावों को भरने के लिए – पीपल के ताजे पत्तों को पूरी तरह गर्म करके घावों पर लेप किया जाए तो घाव बहुत जल्द सूख जाते हैं। अधिक गहरा घाव होने पर ताजी पत्तियों को पूरी तरह गर्म करके थोडा ठंडा होने पर इन पत्तियों को घाव में भर देने से कुछ दिनों में घाव अवश्य ही पूरी तरह भर जाते हैं।

नज़ला-जुकाम – पीपल के कोमल पत्तों को छाया में सुखाकर उसे बहुत ही अच्‍छे से पीस लीजिए, इसे आधा लीटर पानी में एक चम्मच चूर्ण डालकर अच्छी तरह काढ़ा बना लें। काढ़े में पीसी हुई मिश्री मिलाकर कुनकुना करके पीने से नजला-जुकाम से अत्यधिक राहत मिलती है।

नकसीर फूटने का इलाज – नकसीर की गंभीर समस्‍या होने पर पीपल के ताजे पत्तों का रस नाक में टपकायें, इससे नकसीर की गंभीर समस्‍या से बहुत आराम मिलता है।

दमा में फायदेमंद – पीपल की छाल के अन्दर का भाग निकालकर इसे अच्छी तरह सुखा लीजिए, और इसे महीन पीसकर इसका चूर्ण बना लें, इस चूर्ण को दमा रोगी को देने से दमा में बहुत आराम मिलता है।



from हेल्थ – Navyug Sandesh https://ift.tt/2XHrnRm
via Latest News in Hindi

0 Comments